RAS प्रश्न
ताम्रपाषाण काल की मालवा संस्कृति का प्ररूप स्थल कहाँ था?
सही उत्तर: (C) नर्मदा पर नवदाटोली।
ताम्रपाषाण काल की मालवा संस्कृति का प्ररूप स्थल नर्मदा नदी पर स्थित नवदाटोली है।
व्याख्या
मालवा संस्कृति के लिए नवदाटोली निर्णायक स्थल है, क्योंकि इस संस्कृति के प्रमाण पहले नवदाटोली की खुदाई से मिले और बाद में महेश्वर से। इसी कारण इसे मालवा संस्कृति की जगह नवदाटोली ताम्रपाषाण संस्कृति कहना अधिक उपयुक्त माना जाता है। नवदाटोली नर्मदा नदी पर मध्य प्रदेश में है और मालवा संस्कृति का काल लगभग 1600-1400 ई.पू. माना गया है। नवदाटोली ताम्रपाषाण काल का सबसे बड़ा बस्ती-क्षेत्र माना जाता है और मालवा मृद्भांड ताम्रपाषाणकालीन मिट्टी के बर्तनों में सबसे समृद्ध माने जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) भीमा पर इनामगाँव मालवा संस्कृति के महत्त्वपूर्ण स्थलों में आता है, पर इस संस्कृति के प्रमाण पहले नवदाटोली से मिले, इसलिए इनामगाँव प्ररूप स्थल नहीं है।
- (B) प्रवरा पर दैमाबाद भी मालवा संस्कृति से जुड़े स्थलों में गिना गया है, लेकिन शुरुआती खुदाई-प्रमाण नवदाटोली से जुड़े हैं, इसलिए दैमाबाद सही उत्तर नहीं है।
- (D) तापी पर प्रकाश मालवा संस्कृति के स्थलों में आता है और आगे जोरवे संस्कृति के उत्खनित स्थलों में भी गिना जाता है, पर मालवा संस्कृति का प्ररूप आधार नवदाटोली है।
अवधारणा
RAS में ताम्रपाषाण संस्कृतियों के प्ररूप स्थलों, नदी-घाटियों और मृद्भांड-परंपराओं की पहचान महत्त्वपूर्ण रहती है। प्राचीन भारत में क्षेत्रीय संस्कृतियों को अक्सर स्थल और नदी से जोड़कर समझा जाता है।
