RAS प्रश्न
मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह ने लॉर्ड कर्ज़न के किस वर्ष के दिल्ली दरबार में जाने से इनकार किया?
सही उत्तर: (A) 1903।
मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह ने लॉर्ड कर्ज़न के 1903 के दिल्ली दरबार में सामंत की तरह शामिल होने से इनकार किया था।
व्याख्या
लॉर्ड कर्ज़न का दिल्ली दरबार 1903 में हुआ था। महाराणा फतेह सिंह दरबार के लिए दिल्ली पहुँचे थे, लेकिन केसरी सिंह बारहठ की कविता चेतावनी रा चूंगट्या से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रिटिश वायसराय के सामने झुकने से मना किया और दिल्ली छोड़ दी। महाराणा फतेह सिंह 1903 में दिल्ली रेलवे स्टेशन से लौट गए और कर्ज़न के दिल्ली दरबार में सामंत के रूप में शामिल नहीं हुए। इसलिए यह घटना केवल किसी दरबार में अनुपस्थिति नहीं थी; राजपूताना की रियासतों और ब्रिटिश सत्ता के बीच सम्मान, अधीनता और प्रतिरोध का तनाव इसमें साफ दिखाई देता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 1877 का दरबार रानी विक्टोरिया से जुड़ा था, इसलिए यह लॉर्ड कर्ज़न के दिल्ली दरबार वाला प्रसंग नहीं है।
- (C) 1920 में ऐसा कोई दिल्ली दरबार नहीं था, इसलिए महाराणा फतेह सिंह के कर्ज़न-दरबार से इनकार को इस वर्ष से नहीं जोड़ा जा सकता।
- (D) 1911 का दरबार जॉर्ज पंचम के राज्याभिषेक से जुड़ा था; कर्ज़न के दिल्ली दरबार में महाराणा फतेह सिंह का इनकार 1903 में हुआ था।
अवधारणा
राजपूताना की रियासतों और ब्रिटिश सर्वोच्चता के संबंधों में स्वाभिमान तथा प्रतिरोध RAS के लिए महत्त्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे प्रसंग राजस्थान इतिहास को औपनिवेशिक राजनीति से जोड़ते हैं।
