RAS प्रश्न
बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने प्रथम विश्व युद्ध के बाद किस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया?
सही उत्तर: (B) वर्साय की संधि (1919)।
बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में पेरिस शांति सम्मेलन, यानी वर्साय की संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन, में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
व्याख्या
प्रथम विश्व युद्ध के बाद वाला समय 1919 के पेरिस शांति सम्मेलन और वर्साय की संधि से जुड़ता है। 18 जनवरी 1919 को प्रारंभिक शांति सम्मेलन शुरू हुआ था। उपस्थित प्रतिनिधियों में भारत के अंतर्गत बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह बहादुर का नाम दर्ज था। महाराजा गंगा सिंह की भूमिका किसी सामान्य अंतरराष्ट्रीय संस्था की सदस्यता से नहीं, बल्कि युद्ध के बाद शांति-व्यवस्था तय करने वाली प्रक्रिया में भारतीय प्रतिनिधित्व से जुड़ी थी। इसी कारण विकल्प B, वर्साय की संधि (1919), सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राष्ट्र संघ की स्थापना पेरिस शांति प्रक्रिया से जुड़ी थी, लेकिन महाराजा गंगा सिंह के भारतीय प्रतिनिधित्व से जुड़ा विशिष्ट युद्धोत्तर आयोजन 1919 का पेरिस शांति सम्मेलन और वर्साय की संधि था।
- (C) पॉट्सडैम सम्मेलन प्रथम विश्व युद्ध के बाद नहीं, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ था, इसलिए यह 1919 के संदर्भ से मेल नहीं खाता।
- (D) गोलमेज सम्मेलन 1930 के दशक की घटना थी; महाराजा गंगा सिंह ने उनमें भाग लिया, पर यह प्रथम विश्व युद्ध के तुरंत बाद वाला अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं था।
अवधारणा
राजस्थान का रियासती इतिहास विश्व इतिहास की प्रथम विश्व युद्धोत्तर कूटनीति से भी जुड़ता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे स्थानीय शासकों की भूमिका को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से मिलाकर परखते हैं।
