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RAS प्रश्न

कुषाण स्वर्ण सिक्कों पर किन धार्मिक परंपराओं के देवताओं के चित्र अंकित मिलते हैं?

सही उत्तर: (C) बौद्ध, हिंदू, ज़रथुस्त्र और ग्रीक।

कुषाण स्वर्ण सिक्कों पर बौद्ध, हिंदू, ज़रथुस्त्री और यूनानी परंपराओं के देवताओं के चित्र मिलते हैं।

  1. (A)

    केवल बौद्ध

  2. (B)

    केवल हिंदू

  3. (C)

    बौद्ध, हिंदू, ज़रथुस्त्र और ग्रीक

  4. (D)

    केवल ज़रथुस्त्र

व्याख्या

कुषाण सिक्के किसी एक धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं थे। इनमें बुद्ध और मैत्रेय बौद्ध परंपरा से, शिव और स्कंद हिंदू परंपरा से, मित्र और अतर ज़रथुस्त्री परंपरा से तथा हेराक्लीस यूनानी परंपरा से जुड़े हैं। कुषाण मुद्रा में यूनानी, ब्राह्मणीय, बौद्ध और ज़रथुस्त्री देवताओं का प्रतिनिधित्व मिलता है। इसलिए विकल्प C सही है। यह मिश्रित धार्मिक चित्रण कुषाण शासन की धार्मिक सहिष्णुता और अलग-अलग प्रजा-समूहों की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने की नीति को दिखाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केवल बौद्ध कहना अधूरा है, क्योंकि सिक्कों पर बुद्ध और मैत्रेय के साथ शिव, स्कंद, मित्र, अतर और हेराक्लीस जैसे अन्य परंपराओं के देवता भी मिलते हैं।
  • (B) केवल हिंदू कहना सही नहीं है, क्योंकि शिव और स्कंद के अलावा कुषाण मुद्रा में बौद्ध, ज़रथुस्त्री और यूनानी परंपराओं के देवता भी मिलते हैं।
  • (D) केवल ज़रथुस्त्र कहना गलत है, क्योंकि मित्र और अतर के साथ-साथ बौद्ध, हिंदू और यूनानी परंपराओं के देवताओं का चित्रण भी मिलता है।

अवधारणा

कुषाणकालीन मुद्रा प्राचीन भारतीय इतिहास में धार्मिक-सांस्कृतिक समन्वय को समझने का महत्त्वपूर्ण आधार है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि सिक्के शासन, धर्म और सांस्कृतिक संपर्कों के ठोस ऐतिहासिक साक्ष्य माने जाते हैं।

स्रोत

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