RAS प्रश्न
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर किसके शासनकाल में आए?
सही उत्तर: (A) पृथ्वीराज तृतीय चौहान।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर तब आए जब पृथ्वीराज चौहान अजमेर पर शासन कर रहे थे।
व्याख्या
पृथ्वीराज तृतीय चौहान का शासनकाल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के अजमेर आगमन से जुड़ता है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती लगभग 1192 ई. में पृथ्वीराज तृतीय चौहान के शासनकाल में अजमेर आए। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भारत में अजमेर, राजस्थान आए, जब पृथ्वीराज चौहान अजमेर पर शासन कर रहे थे। इसलिए आगमन-काल के शासक पृथ्वीराज तृतीय चौहान थे। इसी कालक्रम के कारण उन्हें भारत में चिश्तिया सूफी सिलसिले की स्थापना से जोड़ा जाता है, और उनकी अजमेर दरगाह आगे चलकर एक प्रमुख तीर्थ केंद्र बनी। अकबर, कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी इस कालक्रम से मेल नहीं खाते।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) अकबर का काल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के अजमेर आगमन से कई शताब्दियां बाद आता है, इसलिए वह आगमन-काल का शासक नहीं हो सकता।
- (C) कुतुबुद्दीन ऐबक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के बाद के राजनीतिक क्रम से जुड़ता है, जबकि आगमन पृथ्वीराज चौहान के अजमेर शासनकाल से जुड़ा है।
- (D) अलाउद्दीन खिलजी का काल भी बहुत बाद का है, इसलिए उसे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के अजमेर आगमन का समकालीन शासक नहीं माना जा सकता।
अवधारणा
राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास में चौहान शासन और सूफी परंपरा का कालक्रम महत्वपूर्ण है। RAS में व्यक्ति, स्थान और शासनकाल को सही क्रम में जोड़ना राजस्थान इतिहास की बुनियादी मांग है।
