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RAS प्रश्न

जालोर के चौहान शासक कान्हड़देव को अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने किस वर्ष पराजित किया?

सही उत्तर: (A) 1311।

जालोर के चौहान शासक कान्हड़देव को 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने पराजित किया।

  1. (A)

    1311

  2. (B)

    1301

  3. (C)

    1303

  4. (D)

    1308

व्याख्या

कान्हड़देव जालोर के अंतिम चौहान शासक थे। 1311 ई. में वे कमालुद्दीन गुर्ग के नेतृत्व में आई अलाउद्दीन खिलजी की सेना से पराजित हुए। सिरहिंदी के हवाले से जालोर पर कब्ज़े और उसके राजा ‘कन्हर देव’ यानी कान्हड़देव के पराभव की बात मिलती है; जालोर 1311 में उसी सेना के हाथों गिरा जिसने पिछले वर्ष सांचोर को लूटा था। इसलिए निर्णायक वर्ष 1311 है, रणथंभौर, चित्तौड़ या किसी अन्य अभियान की तारीख नहीं। कान्हड़देव की वीरता पद्मनाभ के ‘कान्हड़देव प्रबंध’ में भी गाई गई है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) 1301 रणथंभौर के पतन से जुड़ा वर्ष है, जबकि जालोर के कान्हड़देव की पराजय 1311 ई. में हुई।
  • (C) 1303 चित्तौड़ की घेराबंदी से संबंधित है, इसलिए यह जालोर में कान्हड़देव की हार का वर्ष नहीं है।
  • (D) 1308 जालोर के पतन का वर्ष नहीं है; जालोर का गिरना 1311 से जुड़ा है।

अवधारणा

राजस्थान में अलाउद्दीन खिलजी के अभियानों और स्थानीय राजपूत राज्यों के पतन की कालक्रम-समझ में यह वर्ष महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे वर्ष इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि रणथंभौर, चित्तौड़ और जालोर की घटनाएं आपस में पास-पास आती हैं।

स्रोत

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