RAS प्रश्न
कालबेलिया नृत्य, जो यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल है, किस समुदाय द्वारा किया जाता है?
सही उत्तर: (D) कालबेलिया (सपेरा) समुदाय।
कालबेलिया नृत्य राजस्थान के कालबेलिया, यानी सपेरा, समुदाय द्वारा किया जाता है।
व्याख्या
कालबेलिया नृत्य राजस्थान के कालबेलिया समुदाय की विशिष्ट लोक-परंपरा है। यह समुदाय पारंपरिक रूप से सपेरों का समुदाय माना जाता है, और UNESCO रिकॉर्ड कालबेलिया लोकगीतों व नृत्यों को राजस्थान के इसी समुदाय से जोड़ता है। यह किसी व्यापक जाति-समूह का नृत्य नहीं, बल्कि एक खास कला-समुदाय की पहचान है। इस नृत्य में महिला नर्तकियाँ शीशे के काम से सजी काली घेरदार पोशाक पहनती हैं और साँप जैसी लचकदार गतियाँ करती हैं, जिससे सपेरा परंपरा का संकेत साफ दिखता है। इसके साथ बीन, डफली और खंजरी जैसे वाद्य बजाए जाते हैं। इसे 2010 में UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राजपूत समुदाय कालबेलिया नृत्य से संबद्ध समुदाय नहीं है; यह नृत्य खास तौर पर कालबेलिया, यानी सपेरा, समुदाय से जुड़ा है।
- (B) ब्राह्मण समुदाय की प्रदर्शन-परंपरा में कालबेलिया नृत्य शामिल नहीं माना जाता; UNESCO रिकॉर्ड इसे कालबेलिया समुदाय से जोड़ता है।
- (C) जाट समुदाय अलग समुदाय है, जबकि कालबेलिया नृत्य की पहचान कालबेलिया समुदाय और उसकी सपेरा परंपरा से बनती है।
अवधारणा
राजस्थान की लोकनृत्य परंपरा में कालबेलिया नृत्य समुदाय, कला-रूप और UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची की मान्यता, तीनों से जुड़ा हुआ तथ्य है। आरएएस की तैयारी में समुदाय, कला-रूप और सांस्कृतिक मान्यता को साथ पढ़ना जरूरी होता है।
