RAS प्रश्न
ताम्रपाषाण काल की जोर्वे संस्कृति मुख्य रूप से कहाँ पाई जाती है?
सही उत्तर: (D) महाराष्ट्र।
ताम्रपाषाण काल की जोर्वे संस्कृति मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पाई जाती है।
व्याख्या
जोर्वे संस्कृति को महाराष्ट्र के ताम्रपाषाण काल की प्रमुख संस्कृति माना जाता है। महाराष्ट्र गजेटियर के अनुसार, महाराष्ट्र में पाषाण काल के बाद ताम्रपाषाण संस्कृति उभरी और यह 1600 ई.पू. से 700 ई.पू. तक फली-फूली। इसी संदर्भ में जोर्वे संस्कृति को महाराष्ट्र के ताम्रपाषाण काल का प्रतिनिधि रूप बताया गया है। उत्खननों से जोर्वे, नेवासा, दैमाबाद, नासिक, प्रकाशे, बहाल, सावलदा, टेकवाड़े, चंदोली, सोनगांव और इनामगांव जैसे स्थलों पर इस संस्कृति के प्रमाण मिले। इसका केंद्र महाराष्ट्र, विशेषकर तापी, गोदावरी और भीमा नदी घाटियों में था। इसलिए सही स्थान महाराष्ट्र है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) राजस्थान इस प्रश्न का उत्तर नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र गजेटियर जोर्वे संस्कृति का मुख्य क्षेत्र महाराष्ट्र बताता है।
- (B) मध्य प्रदेश से मालवा संस्कृति का संबंध महाराष्ट्र गजेटियर में तुलना के रूप में आता है, लेकिन जोर्वे संस्कृति को महाराष्ट्र के ताम्रपाषाण काल का प्रतिनिधि बताया गया है।
- (C) गुजरात का उल्लेख महाराष्ट्र गजेटियर में मध्यपाषाण अध्ययन के संदर्भ में है, जोर्वे संस्कृति के मुख्य क्षेत्र के रूप में नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारत की ताम्रपाषाण संस्कृतियों के क्षेत्रीय वितरण को जाँचता है। RAS में ऐसी संस्कृतियाँ बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि सही उत्तर अक्सर संस्कृति, नदी-घाटी और प्रमुख पुरास्थल को साथ जोड़ने से मिलता है।
