RAS प्रश्न
अकबर के विरुद्ध चित्तौड़ के प्रसिद्ध रक्षक जैमल और पत्ता किन कुलों से थे?
सही उत्तर: (D) जैमल - मेड़ता का राठौड़, पत्ता - केलवा का सिसोदिया।
जैमल मेड़ता के राठौड़ सरदार थे और पत्ता केलवा के सिसोदिया सरदार थे, जिन्होंने 1568 में अकबर के विरुद्ध चित्तौड़ की रक्षा करते हुए वीरगति पाई।
व्याख्या
जैमल और पत्ता की पहचान कुल और स्थान दोनों से बनती है। जैमल मेड़ता, बाड़नोर से जुड़े राठौड़ सरदार थे, जबकि पत्ता, जिन्हें रावत फतेह सिंह भी कहा गया है, केलवा के युवा सिसोदिया सरदार थे। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार चित्तौड़ की घेराबंदी के समय नेतृत्व राव जैमल बाड़नोर और रावत पत्ता सिसोदिया के हाथ में था। इसलिए दोनों को एक ही कुल का मानना गलत हो जाता है। 1568 में अकबर के विरुद्ध चित्तौड़ की रक्षा करते हुए दोनों वीरगति को प्राप्त हुए। उनके नेतृत्व और साहस से अकबर इतना प्रभावित हुआ कि उसने उनके जोड़े की मूर्तियां द्वार पर लगवाईं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि जैमल राठौड़ और पत्ता सिसोदिया थे; दोनों चौहान नहीं थे।
- (B) B गलत है, क्योंकि पत्ता सिसोदिया थे, लेकिन जैमल मेड़ता के राठौड़ सरदार थे।
- (C) C गलत है, क्योंकि इसमें पहचान उलट दी गई है; जैमल चौहान नहीं बल्कि राठौड़ थे और पत्ता राठौड़ नहीं बल्कि सिसोदिया थे।
अवधारणा
मेवाड़ के प्रतिरोध और चित्तौड़ की 1568 की घेराबंदी में प्रमुख राजपूत सरदारों की वंशीय पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं, क्योंकि राजस्थान इतिहास में व्यक्ति, कुल, स्थान और युद्ध-प्रसंग को साथ समझना पड़ता है।
