RAS प्रश्न
भारत के विदेशी मुद्रा भण्डार का प्रबन्धन किसके द्वारा किया जाता है?
सही उत्तर: (B) भारतीय रिज़र्व बैंक।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक करता है।
व्याख्या
भारत में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक करता है। यह जिम्मेदारी RBI अधिनियम, 1934 के कानूनी ढांचे में आती है, और विदेशी मुद्रा से जुड़े प्रबंधन के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 भी प्रासंगिक है। इसलिए यह काम केवल नीति-घोषणा जैसा नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक की वास्तविक संचालन जिम्मेदारी है। भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, सोना, विशेष आहरण अधिकार और IMF में आरक्षित किश्त स्थिति शामिल हैं। RBI इन भंडारों को संभालते समय सुरक्षा, तरलता और प्रतिफल के आधार पर निवेश प्रबंधन करता है, इसलिए परीक्षा में सही संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक ही मानी जाएगी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) वित्त मंत्रालय आर्थिक नीति से जुड़ा हो सकता है, लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार का वास्तविक प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है।
- (C) सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है; विदेशी मुद्रा भंडार के घटकों और उनके निवेश-प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है।
- (D) नीति आयोग योजना और नीति-परामर्श से जुड़ी संस्था है, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक की जिम्मेदारी है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में केंद्रीय बैंक के कार्यों, खासकर बाह्य क्षेत्र और विदेशी मुद्रा प्रबंधन, की समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि RBI, भुगतान संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार जैसी मूल संस्थागत भूमिकाएं स्थिर और परीक्षा-योग्य तथ्य हैं।
