RAS प्रश्न
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मुख्य रूप से किस रूप में रखा जाता है?
सही उत्तर: (C) विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA)।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) के रूप में रखा जाता है।
व्याख्या
विदेशी मुद्रा भंडार कोई एक ही मद नहीं है; इसमें विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA), स्वर्ण, SDR और IMF में आरक्षित स्थिति शामिल होती है। भारतीय रिजर्व बैंक के राष्ट्रीय सारांश डेटा पृष्ठ पर ये घटक अलग-अलग दर्ज हैं और विदेशी मुद्रा आस्तियां कुल भंडार की सबसे बड़ी मद हैं। इसलिए मुख्य रूप की पहचान में विदेशी मुद्रा आस्तियां निर्णायक हैं: स्वर्ण और SDR भंडार का हिस्सा हैं, पर प्रमुख हिस्सा नहीं। FCA में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड, विदेशी केंद्रीय बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों में जमा, तथा अन्य विदेशी मुद्रा साधन आते हैं। इसी कारण सही रूप विदेशी मुद्रा आस्तियां है, न कि केवल स्वर्ण, केवल SDR या क्रिप्टोकरेंसी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार की मदों में नहीं आतीं; भंडार FCA, स्वर्ण, SDR और IMF में आरक्षित स्थिति में बंटा है।
- (B) SDR भंडार का एक घटक है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के राष्ट्रीय सारांश डेटा में यह विदेशी मुद्रा आस्तियों से बहुत छोटा हिस्सा है, इसलिए “केवल SDR” मुख्य रूप नहीं हो सकता।
- (D) स्वर्ण विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल है, पर भारतीय रिजर्व बैंक के राष्ट्रीय सारांश डेटा में विदेशी मुद्रा आस्तियां स्वर्ण से बड़ी मद हैं, इसलिए “केवल स्वर्ण” कहना गलत है।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा भंडार की संरचना में घटकों और सबसे बड़े घटक का अंतर महत्वपूर्ण है। RAS की तैयारी में विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े तथ्यों में घटकों की सूची और सबसे बड़े घटक के बीच फर्क पहचानना जरूरी होता है।
