RAS प्रश्न
भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS), दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर, फरवरी 2026 में उद्घाटित हुई। इस कॉरिडोर की अनुमानित लंबाई क्या है?
सही उत्तर: (A) 82 किमी।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की अनुमानित लंबाई 82 किमी है।
व्याख्या
पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की पूरी लंबाई 82 किमी है। इसी कॉरिडोर पर भारत की पहली नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली यानी RRTS जुड़ी है। शेष हिस्सों में दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक 5 किमी और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदिपुरम तक 21 किमी खंड शामिल थे। इसलिए 82 किमी ही पूरे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की लंबाई से मेल खाता है; 112, 65 या 95 किमी PIB द्वारा बताई गई लंबाई से मेल नहीं खाते।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 112 किमी गलत है, क्योंकि PIB के अनुसार पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर 82 किमी का है, 112 किमी का नहीं।
- (C) 65 किमी गलत है, क्योंकि यह आधिकारिक 82 किमी लंबाई से कम है और शेष 5 किमी तथा 21 किमी खंडों को जोड़ने पर भी पूरी कॉरिडोर लंबाई नहीं बनती।
- (D) 95 किमी गलत है, क्योंकि PIB ने पूरे कॉरिडोर के लिए 82 किमी बताया है और 95 किमी इस लंबाई से मेल नहीं खाता।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन अवसंरचना और क्षेत्रीय संपर्क का महत्त्व लगातार बढ़ रहा है। RAS में नई रेल, मेट्रो और RRTS परियोजनाओं से जुड़े तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि ये विकास, शहरीकरण और सार्वजनिक निवेश से सीधे जुड़ते हैं।
