RAS प्रश्न
रोमेश थापर बनाम मद्रास राज्य (1950) मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 19(1)(a) में शामिल है:
सही उत्तर: (D) प्रेस की स्वतंत्रता।
रोमेश थापर बनाम मद्रास राज्य (1950) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में प्रेस की स्वतंत्रता भी शामिल है।
व्याख्या
रोमेश थापर बनाम मद्रास राज्य अनुच्छेद 19(1)(a) से जुड़ा एक बुनियादी निर्णय है। संविधान में प्रेस की स्वतंत्रता का अलग से उल्लेख नहीं है, फिर भी सर्वोच्च न्यायालय ने इसे वाक् और अभिव्यक्ति की व्यापक स्वतंत्रता का हिस्सा माना। निर्णय के अनुसार, वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विचारों को फैलाने की स्वतंत्रता भी शामिल है और इसके लिए पत्रिका का प्रसार आवश्यक है। इसलिए पत्रिका के प्रसार पर रोक से सीधे अनुच्छेद 19(1)(a) का प्रश्न उठा। परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बात न्यायालय की संवैधानिक व्याख्या की पद्धति है: न्यायालय ने प्रेस की स्वतंत्रता को किसी अलग उपबंध में खोजने के बजाय वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में निहित माना।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) सूचना का अधिकार रोमेश थापर निर्णय का निष्कर्ष नहीं था; उसका विकास एस. पी. गुप्ता मामले से जुड़ा है, जबकि 1950 का यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रिका के प्रसार पर रोक से संबंधित था।
- (B) प्रसारण के अधिकार पर रोमेश थापर मामले में निर्णय नहीं दिया गया था। यह मामला वाक्, अभिव्यक्ति और प्रेस के ज़रिए विचारों के प्रसार से जुड़ा था; प्रसारण के अधिकार को बाद में मान्यता मिली।
- (C) वाणिज्यिक विज्ञापनों का अधिकार रोमेश थापर निर्णय का विषय नहीं था; यह सिद्धांत टाटा प्रेस मामले से जुड़ा है, अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रेस की स्वतंत्रता वाले इस मामले से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न अनुच्छेद 19(1)(a) के दायरे को जांचता है, खासकर यह कि सर्वोच्च न्यायालय अभिव्यक्ति की विशिष्ट स्वतंत्रताओं को वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कैसे निहित मानता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि प्रेस की स्वतंत्रता, उचित प्रतिबंध और मौलिक अधिकारों से जुड़े प्रमुख निर्णय भारतीय शासन-व्यवस्था के सामान्य विषय हैं।
