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RAS प्रश्न

जयपुर शहर की योजना में सवाई जय सिंह द्वितीय ने शहर को कितने आयताकार खंडों (चोकड़ियों) में विभाजित किया?

सही उत्तर: (B) नौ।

सवाई जय सिंह द्वितीय की जयपुर-योजना में शहर को 9 आयताकार खंडों, यानी चोकड़ियों, में विभाजित किया गया था।

  1. (A)

    छह

  2. (B)

    नौ

  3. (C)

    ग्यारह

  4. (D)

    सात

व्याख्या

जयपुर का सही आंकड़ा 9 चोकड़ियाँ है। UNESCO के ICOMOS मूल्यांकन में जयपुर को समतल भूभाग पर जान-बूझकर बसाया गया, 18वीं शताब्दी का समकोणीय सड़क-जाल पर आधारित नगर बताया गया है, जिसमें सीधे मुख्य मार्ग समकोण पर मिलते हैं और नियोजित भाग 9 खंडों, यानी चोकड़ियों, में बँटा था। यह योजना शिल्प शास्त्र/वास्तु शास्त्र की प्रस्तार योजना से प्रेरित थी। महल परिसर के लिए दो खंडों को जोड़ा/राजकीय भवनों और महलों के लिए रखा गया, इसलिए देखने में कुछ विन्यास अलग लग सकता है, पर मूल नियोजन की संख्या 9 ही मानी जाती है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) छह चोकड़ियाँ जयपुर की मूल नगर-योजना से मेल नहीं खातीं, क्योंकि उसका समकोणीय सड़क-जाल 9 चोकड़ियों पर आधारित बताया गया है।
  • (C) ग्यारह संख्या जयपुर के नियोजित चोकड़ी-विभाजन के लिए नहीं दी गई है; UNESCO/ICOMOS पाठ नगर-योजना की चोकड़ियाँ 9 बताता है।
  • (D) सात को सार्वजनिक उपयोग वाले शेष खंडों से भ्रमित किया जा सकता है, लेकिन कुल नियोजित चोकड़ियाँ 9 थीं।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान के नगर-नियोजन और स्थापत्य इतिहास में जयपुर की समकोणीय सड़क-जाल योजना को जाँचता है। RAS में जयपुर इसलिए बार-बार आता है क्योंकि यह सवाई जय सिंह द्वितीय, प्रस्तार-आधारित योजना और चोकड़ी-विभाजन को एक साथ जोड़ता है।

स्रोत

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