RAS प्रश्न
मुगल मनसबदारी प्रणाली में 'ज़ात' शब्द का क्या अर्थ था?
सही उत्तर: (A) मनसबदार की व्यक्तिगत रैंक और स्थिति।
मुगल मनसबदारी प्रणाली में ज़ात मनसबदार की व्यक्तिगत पद-स्थिति और वेतन को दर्शाता था।
व्याख्या
मनसबदारी प्रणाली में मनसब का अर्थ पद या रैंक था, और NCERT के अनुसार ज़ात वह संख्यात्मक मान था जिससे मनसबदार की रैंक और वेतन तय होते थे। ज़ात जितना ऊंचा होता, दरबार में मनसबदार की प्रतिष्ठा उतनी अधिक मानी जाती और वेतन भी बड़ा होता। इसलिए ज़ात को भूमि-राजस्व, वंशानुगत उपाधि या घुड़सवार संख्या से नहीं जोड़ना चाहिए। घुड़सवारों की संख्या अलग से सवार पद से जुड़ी थी, जिसमें मनसबदार को तय संख्या में घुड़सवार रखने होते थे। यह व्यवस्था गैर-वंशानुगत और हस्तांतरणीय थी, इसलिए ज़ात का मूल अर्थ व्यक्तिगत पद-स्थिति और वेतन ही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) वंशानुगत उपाधि इसलिए गलत है, क्योंकि मनसबदारी व्यवस्था गैर-वंशानुगत और हस्तांतरणीय थी।
- (C) भूमि राजस्व आवंटन ज़ात नहीं था; NCERT में मनसबदारों के वेतन के लिए राजस्व आवंटन को जागीर कहा गया है।
- (D) रखी जाने वाली घुड़सवार सेना की संख्या ज़ात नहीं, सवार पद से जुड़ी थी।
अवधारणा
यह प्रश्न मुगल प्रशासन में मनसबदारी की बुनियादी शब्दावली को जांचता है। RAS में ऐसे शब्द बार-बार आते हैं, क्योंकि ज़ात, सवार और जागीर को अलग-अलग समझे बिना मुगल प्रशासन के प्रश्नों में भ्रम होता है।
