RAS प्रश्न
इंद्रा साहनी मामले (1992) में, सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि अनुच्छेद 16 के तहत कुल आरक्षण किस सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए:
सही उत्तर: (D) 50%।
इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 16 के तहत कुल आरक्षण सामान्यतः 50% से अधिक नहीं होना चाहिए।
व्याख्या
इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ, जिसे मंडल आयोग मामला भी कहा जाता है, में 9-न्यायाधीशों की पीठ ने आरक्षण पर 50% की सीमा रखी। इसलिए अनुच्छेद 16 के तहत कुल आरक्षण का सामान्य नियम 50% है, न कि 60% या 70%। सर्वोच्च न्यायालय ने इसी सिद्धांत को दोहराते हुए माना कि आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए; केवल असाधारण परिस्थितियों और विशेष स्थितियों में, समकालीन और मापनीय आंकड़ों के आधार पर, यह सीमा पार की जा सकती है। 103वें संशोधन के EWS आरक्षण (10%) से कुल आरक्षण इस 50% सीमा से आगे जाता है, लेकिन इंद्रा साहनी मामले में सामान्य संवैधानिक सीमा 50% ही मानी गई थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 60% गलत है, क्योंकि इंद्रा साहनी में सामान्य सीमा 50% तय की गई थी; उससे ऊपर जाने के लिए असाधारण परिस्थिति चाहिए।
- (B) कोई ऊपरी सीमा नहीं है कहना गलत है, क्योंकि निर्णय ने कुल आरक्षण पर 50% की स्पष्ट सीमा रखी।
- (C) 70% गलत है, क्योंकि यह इंद्रा साहनी में रखी गई 50% सीमा से काफी ऊपर है और सामान्य नियम नहीं है।
अवधारणा
अनुच्छेद 16 समान अवसर और आरक्षण की संवैधानिक सीमा से जुड़ा है। RAS में यह बार-बार आता है, क्योंकि मंडल आयोग, आरक्षण-सीमा और EWS जैसे मुद्दे शासन और संविधान दोनों से जुड़े हैं।
