RAS प्रश्न
इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण (1975) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने:
सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 329A (39वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) को अपास्त किया, क्योंकि PM के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर रखने से मूल संरचना का उल्लंघन हुआ।
इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण (1975) में सर्वोच्च न्यायालय ने 39वें संशोधन से जोड़े गए अनुच्छेद 329A(4) को इस आधार पर निरस्त किया कि उसने प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर रखकर संविधान की मूल संरचना को चोट पहुंचाई।
व्याख्या
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मूल संरचना सिद्धांत को संविधान संशोधन पर लागू करते हुए अनुच्छेद 329A(4) को अमान्य माना। 39वें संशोधन से जोड़ा गया यह प्रावधान प्रधानमंत्री और अध्यक्ष के चुनाव को न्यायिक जांच से परे रखता था। सर्वोच्च न्यायालय के आधिकारिक दस्तावेज में भी इंदिरा नेहरू गांधी मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि अनुच्छेद 329A(4) को मुख्यतः इसलिए निरस्त किया गया क्योंकि वह संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन करता था और संसद, अनुच्छेद 368 की संशोधन-शक्ति के नाम पर न्यायालय के सामने लंबित चुनाव-विवादों का न्यायिक निर्णय खुद नहीं कर सकती थी। इसलिए चुनावी न्यायिक समीक्षा को हटाना मूल संरचना के खिलाफ माना गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह मामला आपातकाल को संवैधानिक ठहराने का नहीं था; इसमें अनुच्छेद 329A(4), चुनाव-विवाद और न्यायिक समीक्षा मुख्य मुद्दे हैं।
- (C) राज्य नीति निदेशक तत्वों को मूल अधिकारों पर सर्वोच्च घोषित करने की बात इस मामले में नहीं आती; यहां प्रश्न मूल संरचना और चुनाव की न्यायिक जांच से जुड़ा है।
- (D) अनुच्छेद 329A को वैध बनाए रखने के बजाय, अनुच्छेद 329A(4) को मूल संरचना के उल्लंघन के कारण निरस्त बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न संविधान संशोधन-शक्ति, मूल संरचना सिद्धांत और चुनावी न्यायिक समीक्षा की सीमा को परखता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि इससे संसद, न्यायपालिका और स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनावों के संबंध को समझा जाता है।
