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RAS प्रश्न

बीकानेर और ईस्ट इण्डिया कंपनी की संधि के संदर्भ में सूरतसिंह की सही पहचान कौन-सी है?

सही उत्तर: (A) वे बीकानेर के शासक थे, जिनके शासनकाल में 21 मार्च 1818 की संधि हुई।।

सूरतसिंह बीकानेर के वही शासक थे जिनके शासनकाल में 21 मार्च 1818 को अंग्रेजों से संधि हुई।

  1. (A)

    वे बीकानेर के शासक थे, जिनके शासनकाल में 21 मार्च 1818 की संधि हुई।

  2. (B)

    वे बूंदी के शासक थे, जिन्होंने 10 फरवरी 1818 की संधि की।

  3. (C)

    वे किशनगढ़ के शासक थे, जिन्होंने 7 अप्रैल 1818 को संधि की।

  4. (D)

    वे बीकानेर के शासक थे, जिन्होंने 1830-1847 में बार-बार सहायता माँगी।

व्याख्या

बीकानेर के राठौड़ शासकों में सूरतसिंह महाराजा सूरतसिंह (1781–1828 ई.) थे और उनके शासनकाल में 21 मार्च 1818 ई. को अंग्रेजों से संधि हुई। इसलिए सूरतसिंह किसी दूसरे राज्य के शासक नहीं, बल्कि बीकानेर के शासक थे। उस समय विद्रोही सरदारों और बाहरी दबाव की पृष्ठभूमि थी। संधि के तुरंत बाद मिली अंग्रेजी सहायता से सूरतसिंह ने विद्रोही सरदारों को दबाया, जबकि रतनसिंह के समय बाद की अशांति में वैसी सैन्य सहायता नहीं मिली।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) बूंदी की 10 फरवरी 1818 वाली संधि अलग राज्य का प्रसंग है; इससे बीकानेर के सूरतसिंह की पहचान सिद्ध नहीं होती।
  • (C) किशनगढ़ की 7 अप्रैल 1818 वाली संधि अलग राज्य और अलग शासक से जुड़ी है, इसलिए उसे सूरतसिंह पर लागू नहीं किया जा सकता।
  • (D) 1830-1847 में बार-बार सहायता माँगने का प्रसंग सूरतसिंह के शासनकाल के बाद आता है, जबकि सूरतसिंह का काल 1781–1828 ई. था।

अवधारणा

राजस्थान की रियासतों और अंग्रेजों के बीच 1818 की संधियों में शासक-राज्य-तिथि का मिलान महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि संधियों के साल समान दिखते हैं और गलत विकल्प अक्सर पास की रियासतों से बनाए जाते हैं।

स्रोत

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