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RAS प्रश्न

1932 के अलवर मेव विद्रोह से पहले के राष्ट्रीय घटनाक्रम में गांधी दिसम्बर 1931 में किस आयोजन से असंतुष्ट लौटे थे?

सही उत्तर: (C) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन।

गांधी दिसम्बर 1931 में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन से असंतुष्ट लौटे थे।

  1. (A)

    दांडी मार्च

  2. (B)

    गांधी-इरविन समझौता

  3. (C)

    द्वितीय गोलमेज सम्मेलन

  4. (D)

    जनवरी 1932 की गिरफ्तारियाँ

व्याख्या

1932 के अलवर मेव विद्रोह से पहले राष्ट्रीय घटनाक्रम में क्रम बहुत अहम है। पहले दांडी मार्च से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ, फिर 5 मार्च 1931 के गांधी-इरविन समझौते से आंदोलन को अस्थायी विराम मिला। यूके पार्लियामेंट के अनुसार 1930 से 1932 के बीच भारत के भावी शासन पर गोलमेज सम्मेलनों की श्रृंखला बुलाई गई थी, और इरविन से समझौते के बाद गांधी 1931 के दूसरे सम्मेलन में शामिल हुए। वही द्वितीय गोलमेज सम्मेलन भारत के शासन-प्रश्न को निर्णायक रूप से हल नहीं कर सका। इसलिए दिसम्बर 1931 में गांधी की असंतुष्ट वापसी इसी सम्मेलन से जुड़ती है, न कि दांडी मार्च, समझौते या जनवरी 1932 की गिरफ्तारियों से।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) दांडी मार्च 12 मार्च 1930 को सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत से जुड़ा था, जबकि प्रश्न दिसम्बर 1931 में गांधी की वापसी पूछता है।
  • (B) गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को आंदोलन में अस्थायी विराम से जुड़ा था; यह वह सम्मेलन नहीं था जिसमें गांधी शामिल होकर लौटे।
  • (D) जनवरी 1932 की गिरफ्तारियाँ आंदोलन फिर शुरू होने के बाद हुईं, इसलिए वे दिसम्बर 1931 की वापसी से पहले वाला आयोजन नहीं हो सकतीं।

अवधारणा

यह प्रश्न राष्ट्रीय आंदोलन के क्रम और राजस्थान के स्थानीय विद्रोहों के पृष्ठभूमि-संबंध को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि स्थानीय घटनाओं को अखिल भारतीय राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर पढ़ना पड़ता है।

स्रोत

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