RAS प्रश्न
राजस्थान की लोकनृत्य परम्परा में मारवाड़, होली के बाद का समय और गोल घेरे में लकड़ियाँ टकराना किस नृत्य की पहचान है?
सही उत्तर: (A) डांडिया।
डांडिया राजस्थान का वह लोकनृत्य है जो मारवाड़ में होली के बाद गोल घेरे में समूह द्वारा लय के साथ छड़ियाँ टकराते हुए किया जाता है।
व्याख्या
मारवाड़, होली के बाद का समय और गोल घेरे में समूह द्वारा लय के साथ छड़ियाँ टकराना—ये डांडिया की पहचान के 3 निर्णायक संकेत हैं। इसमें 20-25 पुरुष हाथों में डांडिया की छड़ियाँ लेकर गोल घेरे में नाचते हैं। वे शहनाई और नगाड़े की संगत में लय के साथ छड़ियाँ टकराते हैं। क्षेत्र, समय और प्रस्तुति का यह मेल डांडिया को राजस्थान के अन्य होली-नृत्यों से अलग करता है। इसलिए मारवाड़ में होली के बाद होने वाले इस गोलाकार समूह-नृत्य की सही पहचान डांडिया है और विकल्प A सही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) गैर में भी होली के दौरान पुरुष गोल घेरे में लकड़ी की छड़ियों के साथ नाचते हैं, लेकिन यह मेवाड़ और बाड़मेर से जुड़ा है, मारवाड़ की होली के बाद की डांडिया परंपरा से नहीं।
- (C) गींदड़ शेखावाटी क्षेत्र में होली के उत्सव से जुड़ा नृत्य है, इसलिए यह प्रश्न में दिए गए मारवाड़ के संकेत से मेल नहीं खाता।
- (D) बम भरतपुर और अलवर में फाल्गुन के फसल-उत्सव तथा बम नामक बड़े नगाड़े से जुड़ा है, मारवाड़ की डांडिया परंपरा से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के लोकनृत्यों की क्षेत्रीय पहचान परखता है, जिसमें नृत्य को उसके क्षेत्र, पर्व के समय और प्रस्तुति-शैली से जोड़ा जाता है। RAS में ऐसे भेद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि होली के मौसम के कई समान नृत्यों को केवल पर्व से नहीं, बल्कि क्षेत्र, वाद्य और प्रस्तुति के ढंग से अलग किया जाता है।
