RAS प्रश्न
राजस्थान की कला-संस्कृति में 'सांझी संस्कृति' का सबसे सही आशय कौन-सा है?
सही उत्तर: (A) सहिष्णुता, हिंदू-मुस्लिम संपर्क, साझा आस्था-स्थलों और दैनिक जीवन की कलाओं में एक-दूसरे से अपनाने से बनी संस्कृति।
राजस्थान की सांझी संस्कृति सहिष्णुता, हिंदू-मुस्लिम संपर्क, साझा आस्था-स्थलों और दैनिक जीवन-कला में परस्पर ग्रहण से बनी समन्वयकारी सांस्कृतिक प्रवृत्ति है।
व्याख्या
सांझी संस्कृति किसी एक कला-रूप तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान की व्यापक समन्वयकारी प्रवृत्ति को दिखाती है। राजपूत-मुगल संपर्क से कला और साहित्य में नए रूप आए; अजमेर की चिश्ती दरगाह, गोगाजी और रामदेवजी के प्रति साझा श्रद्धा, खान-पान, वस्त्र, मनोरंजन, स्थापत्य और चित्रकला में मिले-जुले रूप इसके उदाहरण हैं। देवस्थान विभाग के अनुसार गोगाजी का मंदिर सांप्रदायिक सद्भाव का केंद्र है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों सम्मान रखते हैं, मंदिर की स्थापत्य शैली में हिंदू-मुस्लिम मेल है और वहां सभी जाति-समुदाय आते हैं। इसलिए विकल्प A सही है, क्योंकि वह सहिष्णुता, साझा आस्था और सांस्कृतिक ग्रहणशीलता को साथ रखता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) यह विकल्प सांझी को केवल गोबर से बनने वाली आंगन की लोक-चित्र परंपरा मानता है, जबकि प्रश्न में सांझी संस्कृति व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय के अर्थ में है।
- (C) दुर्ग-निर्माण रक्षा और भंडारण से जुड़ा अलग स्थापत्य विषय है; इससे साझा आस्था, संपर्क और दैनिक जीवन में सांस्कृतिक ग्रहणशीलता की बात नहीं समझती।
- (D) यह विकल्प मुगल प्रभाव को अस्वीकार करने वाली केवल राजपूत दरबारी संस्कृति बताता है, जबकि राजपूत-मुगल संपर्क से आदान-प्रदान और समन्वय पर बल है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की कला-संस्कृति में सांस्कृतिक समन्वय और साझा धार्मिक-सामाजिक परंपराओं की समझ जांचता है। RAS में यह अवधारणा इसलिए बार-बार आती है क्योंकि लोकदेवता, सूफी स्थल, स्थापत्य और चित्रकला जैसे विषयों में अलग-अलग प्रभावों का मेल पूछा जाता है।
