RAS प्रश्न
मारवाड़ के इतिहास में भाद्राजूण के लिए कौन-सा वर्णन सबसे उपयुक्त है?
सही उत्तर: (B) राठौड़ सत्ता के अधीन आया मारवाड़ का केंद्र, जिसकी गणना बाद में मालदेव की कोटबंद बस्तियों में हुई।
भाद्राजूण मारवाड़ का ऐसा केंद्र था जो राठौड़ सत्ता के अधीन आया और बाद में मालदेव के समय कोटबंद बस्तियों में गिना गया।
व्याख्या
भाद्राजूण को समझने की कुंजी यह है कि प्रश्न किसी राजधानी या एक युद्ध-स्थल की पहचान नहीं पूछ रहा, बल्कि मारवाड़ में उसके राजनीतिक स्थान की पहचान पूछ रहा है। राव जोधा ने भाद्राजूण को अपने राज्य में शामिल किया, इसलिए यह राठौड़ विस्तार से जुड़ा केंद्र है। विकिपीडिया में भी भाद्राजूण को जालोर क्षेत्र का स्थान बताते हुए मारवाड़ और राठौड़ प्रसंग से जोड़ा गया है। आगे मालदेव के प्रसंग में भाद्राजूण उन कस्बों में गिना गया जिनके चारों ओर कोट बनवाए गए। इसलिए इसका सबसे सटीक वर्णन राठौड़ सत्ता में आए मारवाड़ के केंद्र और बाद में कोटबंद बस्ती के रूप में ही बैठता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 1459 ई. में राव जोधा द्वारा बसाई नई राजधानी जोधपुर थी, जबकि भाद्राजूण को अलग मारवाड़ी केंद्र के रूप में समझना है।
- (C) राव सातल और मल्लू खाँ वाला प्रसंग पीपाड़ के युद्ध-स्थल से जुड़ता है, भाद्राजूण से नहीं।
- (D) जोधा की राजधानी की रक्षा के लिए बना पहाड़ी दुर्ग जोधपुर के संदर्भ में है, जबकि भाद्राजूण अलग स्थान के रूप में दिया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न मारवाड़ में राठौड़ विस्तार और स्थानीय केंद्रों की पहचान की जांच करता है। RAS में ऐसे स्थान इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि एक ही शासक, दुर्ग, राजधानी और युद्ध-स्थल के बीच सूक्ष्म फर्क पूछा जाता है।
