RAS प्रश्न
अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति किससे कराने का निर्देश दिया था?
सही उत्तर: (D) प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता, और CJI की समिति (जब तक संसद कानून नहीं बनाती)।
अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति की सलाह पर करें, जब तक संसद कानून न बना दे।
व्याख्या
इस फैसले में विवाद अनुच्छेद 324(2) के तहत निर्वाचन आयोग की नियुक्ति-प्रक्रिया पर था। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे, लेकिन सलाह उस समिति की होगी जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश होंगे। यदि लोकसभा में विपक्ष का नेता उपलब्ध न हो, तो सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता उस स्थान पर माना जाएगा। अदालत ने यह व्यवस्था स्थायी कानून की जगह नहीं रखी; उसने साफ किया कि यह व्यवस्था संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक लागू रहेगी। बाद में 2023 के कानून में भारत के मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को रखा गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सर्वोच्च न्यायालय ने नियुक्ति को न्यायाधीशों के कॉलेजियम को नहीं सौंपा; फैसले में समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश रखे गए थे।
- (B) फैसले ने संसदीय समिति की व्यवस्था नहीं बनाई; उसने संसद के कानून बनने तक राष्ट्रपति को एक विशिष्ट तीन-सदस्यीय समिति की सलाह पर नियुक्ति करने को कहा।
- (C) केवल राष्ट्रपति वाला विकल्प अधूरा है, क्योंकि फैसले में राष्ट्रपति की नियुक्ति-शक्ति को समिति की सलाह से जोड़ दिया गया था।
अवधारणा
यह प्रश्न निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और संवैधानिक पदों की नियुक्ति-प्रक्रिया का परीक्षण करता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे अनुच्छेद 324, न्यायिक निर्देश और बाद के कानून के संबंध को परखते हैं।
