RAS प्रश्न
दिल्ली सल्तनत को वास्तविक रूप से सुदृढ़ करने वाले इल्तुतमिश ने कौन सा चाँदी का सिक्का चलाया?
सही उत्तर: (D) टंका।
इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत में चाँदी का टंका मूल सिक्के के रूप में चलाया।
व्याख्या
इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया और उसे सल्तनत की सत्ता को मज़बूत करने वाला शासक माना जाता है। अपनी मौद्रिक नीति के तहत उसने चाँदी का टंका और तांबे का जीतल चलाया; ये सल्तनत काल के दो मूल सिक्के थे। Mintage World के अनुसार, इन सिक्कों का मानक वज़न 175 ग्रेन था। इससे पता चलता है कि यह सुधार केवल मुद्रा को नया नाम देने तक सीमित नहीं था, बल्कि एक समान मानक पर आधारित सिक्का व्यवस्था का हिस्सा था। इल्तुतमिश अब्बासी खलीफा से औपचारिक मान्यता पाने वाला पहला दिल्ली सुल्तान था और उसने कुतुब मीनार का निर्माण भी पूरा कराया। उससे विशेष रूप से जुड़ा चाँदी का सिक्का टंका था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) दाम इल्तुतमिश का चाँदी का सिक्का नहीं था; यह शेर शाह से जुड़ा तांबे का सिक्का था।
- (B) जीतल इल्तुतमिश से जुड़ा था, लेकिन यह तांबे का सिक्का था, चाँदी का नहीं।
- (C) रुपिया सही नहीं है, क्योंकि इसे चलाने का श्रेय शेर शाह सूरी को दिया जाता है, इल्तुतमिश को नहीं।
अवधारणा
दिल्ली सल्तनत की सत्ता को मज़बूत करने में सिक्कों और एक समान मौद्रिक व्यवस्था की भी भूमिका थी। RAS में इस विषय से अक्सर सवाल पूछे जाते हैं, क्योंकि शासकों, प्रशासनिक उपायों और सिक्कों के नामों से मध्यकालीन भारत में राज्य-निर्माण की प्रक्रिया को संक्षेप में समझा जा सकता है।
