RAS प्रश्न
इल्तुतमिश ने भारत में कौन-सी मुद्रा प्रणाली शुरू की?
सही उत्तर: (D) चाँदी का टंका और तांबे का जीतल।
इल्तुतमिश ने भारत में चाँदी के टंका और ताँबे के जीतल पर आधारित सल्तनती मुद्रा-प्रणाली शुरू की।
व्याख्या
इल्तुतमिश (1211-1236) को दिल्ली सल्तनत की मुद्रा को मानक रूप देने का श्रेय दिया जाता है। सही उत्तर चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल है, क्योंकि इसी व्यवस्था ने सल्तनत की मुद्रा-प्रणाली को ठोस आधार दिया। इल्तुतमिश ने टंका और जीतल को चलन में व्यवस्थित किया; उत्तर भारत में 1 टंका को 48 जीतल के बराबर माना गया। यह किसी एक सिक्के का मामला नहीं था, बल्कि सल्तनत की नियमित मुद्रा-व्यवस्था थी। इसी कारण इल्तुतमिश को दास वंश का वास्तविक संगठनकर्ता माना जाता है; उसने कुतुब मीनार पूरी कराई और अब्बासी खलीफा से मान्यता भी प्राप्त की।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सोने का मोहर इल्तुतमिश की पहचान वाली मुद्रा नहीं थी; इसे मुगलों से जोड़ा जाता है।
- (B) रुपैया इल्तुतमिश की सल्तनती मुद्रा-व्यवस्था नहीं था; इसे शेरशाह सूरी द्वारा शुरू माना जाता है।
- (C) प्रतीक मुद्रा इल्तुतमिश से नहीं जुड़ती; यह इल्तुतमिश की व्यवस्था के बाद मुहम्मद बिन तुगलक का बड़ा बदलाव था।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में दिल्ली सल्तनत की आर्थिक व्यवस्था और सिक्का-प्रणाली की समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। इल्तुतमिश का शासन सल्तनत के राजनीतिक संगठन और मौद्रिक स्थिरता, दोनों से जुड़ा था।
