RAS प्रश्न
इब्न बतूता किसके शासनकाल में भारत आया?
सही उत्तर: (C) मुहम्मद बिन तुगलक।
इब्न बतूता 1333 में भारत आया और मुहम्मद बिन तुगलक के शासन में दिल्ली में रहा।
व्याख्या
कालक्रम निर्णायक है। इब्न बतूता 1333 में भारत पहुंचा और मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन रहा। Britannica के अनुसार भारत में उसके समय का शासक मुहम्मद बिन तुगलक था; इब्न बतूता को सम्मान और उपहार मिले तथा बाद में वह दिल्ली का काजी नियुक्त हुआ। इसलिए उसका भारत-प्रवास तुगलक प्रशासन से सीधे जुड़ता है। उसकी पुस्तक रिहला भारतीय समाज और तुगलक शासन-व्यवस्था का महत्वपूर्ण ब्योरा देती है, इसलिए RAS में यह तथ्य केवल यात्री का नाम याद करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यात्री-वृत्तांत और दिल्ली सल्तनत के प्रशासन को साथ पढ़ने से जुड़ता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अलाउद्दीन खिलजी 1316 में मर चुका था, जबकि इब्न बतूता 1333 में भारत पहुंचा, इसलिए यह कालक्रम नहीं बैठता।
- (B) सिकंदर लोदी इब्न बतूता के भारत-प्रवास से बहुत बाद का शासक है, इसलिए उससे रिहला के भारत-प्रवास को जोड़ना गलत है।
- (D) फिरोज शाह तुगलक का शासन इब्न बतूता के भारत छोड़ने के बाद आता है, इसलिए भारत-प्रवास का सही संदर्भ मुहम्मद बिन तुगलक ही है।
अवधारणा
यह मध्यकालीन भारत में विदेशी यात्रियों और उनके यात्रा-वृत्तांतों वाला स्थायी RAS विषय है। RAS में रिहला जैसे यात्रा-वृत्तांतों से समाज, प्रशासन और दिल्ली सल्तनत को जोड़कर तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
