RAS प्रश्न
दिल्ली में हुमायूँ का मकबरा ऐतिहासिक दृष्टि से मुख्यतः इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह:
सही उत्तर: (B) भारतीय उपमहाद्वीप का पहला चारबाग़ शैली का मकबरा था।
दिल्ली का हुमायूँ का मकबरा भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचे वाला मकबरा था, जिसमें फारसी चारबाग़ योजना अपनाई गई।
व्याख्या
हुमायूँ के मकबरे का ऐतिहासिक महत्त्व उसकी ऊँचाई या केवल सामग्री से नहीं, बल्कि उसके स्थापत्य विचार से जुड़ा है। 1570 में सम्राट अकबर के संरक्षण में बना यह मकबरा भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचे वाला मकबरा माना जाता है। अतुल्य भारत भी इसे भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचे वाला मकबरा बताता है और इसमें चार भागों वाली चारबाग़ अवधारणा को रेखांकित करता है। यही कारण है कि यह बाद के मुगल स्थापत्य के लिए निर्णायक मिसाल बना; इसकी स्थापत्य नवाचारों की परंपरा आगे चलकर ताजमहल में भी दिखती है। इसलिए सही बात इसकी चारबाग़-आधारित बगीचे वाले मकबरे की परंपरा की शुरुआत है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह विकल्प गलत है क्योंकि हुमायूँ का मकबरा मुगलकालीन सबसे ऊँचा ढाँचा नहीं था; कुतुब मीनार मुगलों से पहले की और इससे ऊँची इमारत है।
- (C) यह विकल्प गलत है क्योंकि स्रोत लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर के महत्त्वपूर्ण प्रयोग की बात करता है, जबकि विकल्प इसे पूरी तरह सफेद संगमरमर से बना बताता है।
- (D) यह विकल्प गलत है क्योंकि मकबरा हुमायूँ ने अपनी मृत्यु से पहले नहीं बनवाया था; अतुल्य भारत इसे बेगा बेगम के संरक्षण से जोड़ता है और यह हुमायूँ की मृत्यु के बाद बना था।
अवधारणा
यह प्रश्न मुगल स्थापत्य में चारबाग़ योजना और मकबरा-निर्माण की परंपरा को परखता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि स्मारक, स्थापत्य विशेषता और ऐतिहासिक महत्त्व को साथ जोड़कर पूछा जाता है।
