RAS प्रश्न
भारत में हरित क्रांति मुख्य रूप से किससे जुड़ी थी?
सही उत्तर: (C) गेहूं और चावल के उच्च उपज वाले बीज।
भारत में हरित क्रांति मुख्य रूप से गेहूं और चावल के उच्च उपज वाले बीजों से जुड़ी थी।
व्याख्या
हरित क्रांति 1960-70 के दशक में कृषि उत्पादन बढ़ाने की रणनीति थी, जिसका केंद्र नई उच्च उपज वाली किस्मों के बीज थे। यह पद्धति खाद्यान्न उत्पादन, खासकर गेहूं और चावल, बढ़ाने के लिए अपनाई गई थी। इन बीजों को रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और भरोसेमंद सिंचाई के साथ इस्तेमाल करना जरूरी था; इसलिए हरित क्रांति किसी एक अलग उपाय का नाम नहीं थी। डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन और डॉ. नॉर्मन बोरलॉग से जुड़ी इस प्रक्रिया में गेहूं के उच्च उपज वाले बीज विशेष रूप से प्रमुख रहे, और पंजाब-हरियाणा जैसे सिंचित क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिला।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) ड्रिप सिंचाई सही नहीं है, क्योंकि हरित क्रांति में सिंचाई केवल उच्च उपज वाले बीजों को सफल बनाने वाले साधनों में से एक थी, उसका मुख्य आधार नहीं।
- (B) आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलें सही नहीं हैं, क्योंकि वे बहुत बाद की चीज हैं, जबकि हरित क्रांति 1960-70 के दशक की उच्च उपज वाले बीजों पर आधारित रणनीति थी।
- (D) जैविक खेती सही नहीं है, क्योंकि हरित क्रांति में उच्च उपज वाले बीजों के साथ रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई और यंत्रीकरण का उपयोग हुआ था।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि विकास और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने की नीति के लिए यह मूल तथ्य महत्वपूर्ण है। RAS में हरित क्रांति को उत्पादन, क्षेत्रीय लाभ और कृषि-साधनों की नीति से जोड़कर पूछा जा सकता है।
