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RAS प्रश्न

गणगौर त्योहार किसको समर्पित है?

सही उत्तर: (C) देवी गौरी (पार्वती)।

गणगौर त्योहार देवी गौरी यानी पार्वती को समर्पित है, जिनकी पूजा महिलाएं वैवाहिक सुख और मंगल के लिए करती हैं।

  1. (A)

    भगवान राम

  2. (B)

    सूर्य देव

  3. (C)

    देवी गौरी (पार्वती)

  4. (D)

    भगवान कृष्ण

व्याख्या

गणगौर का मूल अर्थ ही सही उत्तर की ओर ले जाता है: गण का संबंध शिव से और गौर का संबंध गौरी से माना गया है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार गणगौर गौरी, यानी भगवान शिव की संगिनी, की पूजा और आराधना का पर्व है। इसलिए यह राम, सूर्य या कृष्ण की पूजा का त्योहार नहीं है। यह चैत्र में 18 दिनों तक मनाया जाता है और महिलाएं वैवाहिक सुख के लिए गौरी की पूजा करती हैं। गौरी को शक्ति का रूप मानकर उनसे सुफल ऋतु, भरपूर फसल और वैवाहिक सामंजस्य का आशीर्वाद मांगा जाता है। इसी कारण विकल्प C सीधे त्योहार के देवता और उद्देश्य दोनों से मेल खाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) भगवान राम इस पर्व के मुख्य आराध्य नहीं हैं; राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार गणगौर का केंद्र गौरी की आराधना है।
  • (B) सूर्य देव इस पर्व के मुख्य आराध्य नहीं हैं, क्योंकि गणगौर की व्युत्पत्ति गण और गौर से समझाई गई है और गौर को गौरी से जोड़ा गया है।
  • (D) भगवान कृष्ण का संबंध गणगौर से नहीं बनता, क्योंकि राजस्थान पर्यटन विभाग इसे गौरी, शिव की संगिनी, की पूजा का पर्व मानता है।

अवधारणा

राजस्थान के लोक-त्योहारों में आराध्य देवता और सामाजिक उद्देश्य की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि त्योहार, स्त्री-आचार और क्षेत्रीय संस्कृति सीधे तथ्यात्मक रूप में आते हैं।

स्रोत

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