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RAS प्रश्न

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) से इसलिए भिन्न है क्योंकि FDI में होता है:

सही उत्तर: (C) प्रबंधन में स्थायी हित (10% या अधिक इक्विटी हिस्सेदारी)।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में विदेशी उद्यम में स्थायी प्रबंधन हित होता है, जिसे सामान्यतः 10% या अधिक इक्विटी हिस्सेदारी से पहचाना जाता है।

  1. (A)

    शेयरों और बॉण्ड में अल्पकालिक निवेश

  2. (B)

    केवल सरकारी बॉण्ड की खरीद

  3. (C)

    प्रबंधन में स्थायी हित (10% या अधिक इक्विटी हिस्सेदारी)

  4. (D)

    केवल सरकारों के बीच दिया जाने वाला ऋण

व्याख्या

FDI और FPI का मुख्य अंतर निवेशक की भूमिका में है। IMF के अनुसार प्रत्यक्ष निवेश में एक अर्थव्यवस्था का निवेशक दूसरी अर्थव्यवस्था के उद्यम में स्थायी हित प्राप्त करता है; इससे दीर्घकालीन संबंध और उद्यम के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण प्रभाव जुड़ा होता है। इसी आधार पर 10% या अधिक सामान्य शेयर या मताधिकार को प्रत्यक्ष निवेश संबंध की व्यावहारिक सीमा माना जाता है। FDI में 10% या अधिक इक्विटी हिस्सेदारी के साथ स्थायी प्रबंधन हित होता है, जबकि FPI शेयरों और बॉण्ड में ऐसा निष्क्रिय वित्तीय निवेश है जिसमें प्रबंधन नियंत्रण नहीं होता। इसलिए विकल्प C, FDI की असली पहचान बताता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) शेयरों और बॉण्ड में अल्पकालिक निवेश FPI की प्रकृति बताता है, क्योंकि इसमें उद्यम के प्रबंधन पर स्थायी प्रभाव या नियंत्रण नहीं माना जाता।
  • (B) केवल सरकारी बॉण्ड खरीदना ऋण साधन में निवेश है; इससे 10% या अधिक इक्विटी हिस्सेदारी वाला प्रत्यक्ष निवेश संबंध नहीं बनता।
  • (D) सरकारों के बीच दिया जाने वाला ऋण द्विपक्षीय सहायता जैसा मामला है, जबकि FDI विदेशी उद्यम में स्थायी प्रबंधन हित से जुड़ा होता है।

अवधारणा

भुगतान संतुलन और पूंजी खाते में विदेशी निवेश का वर्गीकरण FDI-FPI के अंतर से सीधे जुड़ा है। RAS में FDI-FPI का अंतर बार-बार इसलिए आता है क्योंकि इससे निवेश, नीति और बाह्य क्षेत्र के आँकड़ों की समझ सीधे जुड़ती है।

स्रोत

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