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RAS प्रश्न

भारत में पशुपालन के सबसे प्रारंभिक प्रमाण किस काल से मिलते हैं?

सही उत्तर: (A) मध्यपाषाण।

भारत में पशुपालन के सबसे प्रारंभिक प्रमाण मध्यपाषाण काल से मिलते हैं, खासकर आदमगढ़ और बागोर जैसे स्थलों से।

  1. (A)

    मध्यपाषाण

  2. (B)

    निम्न पुरापाषाण

  3. (C)

    ताम्रपाषाण

  4. (D)

    उच्च पुरापाषाण

व्याख्या

भारत में पशुपालन के शुरुआती प्रमाण मध्यपाषाण संदर्भ में रखे जाते हैं। आदमगढ़ (मध्य प्रदेश) और बागोर (राजस्थान) जैसे मध्यपाषाण स्थलों से पालतू पशुओं की हड्डियाँ मिली हैं। आदमगढ़ पहाड़ी, नर्मदा घाटी भारत में पशु-पालन का सबसे स्पष्ट प्रमाण देने वाले स्थलों में गिनी जाती है; वहाँ मध्यपाषाण स्तर से सूक्ष्म पाषाण औजार, पशु-अस्थियाँ और मिट्टी के बर्तन मिले। घरेलू कुत्ता, कूबड़ वाला भारतीय मवेशी, जल भैंस, बकरी, घरेलू भेड़ और सूअर की अस्थियाँ भी इसी संदर्भ से जुड़ी हैं। बागोर से पालतू भेड़ और बकरी के प्रमाण मिलते हैं। इसलिए सही काल मध्यपाषाण है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) निम्न पुरापाषाण शिकार-संग्रह की पुरानी अवस्था से जुड़ा है; पशुपालन के ये प्रमाण आदमगढ़ और बागोर के मध्यपाषाण स्तरों से हैं।
  • (C) ताम्रपाषाण बाद की अवस्था है; बागोर में कुछ तांबे के तीर-फलकों का उल्लेख है, पर सबसे प्रारंभिक पशुपालन-प्रमाण मध्यपाषाण संदर्भ में मिलते हैं।
  • (D) उच्च पुरापाषाण मध्यपाषाण से पहले की अवस्था है; पशुपालन के स्पष्ट प्रमाण आदमगढ़ के मध्यपाषाण स्तर से जुड़े हैं, उच्च पुरापाषाण से नहीं।

अवधारणा

प्रागैतिहासिक भारत में शिकार-संग्रह से पशुपालन की ओर बदलाव RAS में बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि इसमें कालक्रम, स्थल और सांस्कृतिक परिवर्तन को साथ जोड़ना पड़ता है।

स्रोत

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