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RAS प्रश्न

भारत में समतुल्यकरण शुल्क (गूगल टैक्स) किस पर लगाया जाता था:

सही उत्तर: (D) अनिवासी कंपनियों द्वारा डिजिटल विज्ञापन और ई-कॉमर्स सेवाएं।

भारत में समतुल्यकरण शुल्क अनिवासी कंपनियों की डिजिटल विज्ञापन सेवाओं और ई-कॉमर्स आपूर्ति या सेवाओं पर लगाया गया था।

  1. (A)

    सभी आयात

  2. (B)

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

  3. (C)

    घरेलू ई-कॉमर्स

  4. (D)

    अनिवासी कंपनियों द्वारा डिजिटल विज्ञापन और ई-कॉमर्स सेवाएं

व्याख्या

समतुल्यकरण शुल्क का निशाना सामान्य व्यापार नहीं, बल्कि भारत के बाजार से डिजिटल माध्यमों से कमाई करने वाली अनिवासी इकाइयां थीं। वित्त अधिनियम, 2016 से यह अनिवासियों की निर्दिष्ट ऑनलाइन विज्ञापन सेवाओं पर लागू हुआ। बाद में 1 अप्रैल 2020 से 1 अगस्त 2024 से पहले तक इसे ई-कॉमर्स आपूर्ति या सेवाओं तक बढ़ाया गया। PIB के अनुसार ई-कॉमर्स वाले चरण में यह शुल्क अनिवासी ई-कॉमर्स संचालकों पर लागू था, क्योंकि भारतीय ई-कॉमर्स संचालक भारत में कर के दायरे में थे, जबकि स्थायी प्रतिष्ठान न रखने वाले अनिवासी संचालक भारतीय बाजार से प्राप्त राशि पर सामान्यतः कर नहीं दे रहे थे। इसलिए विकल्प D सही है: विषय डिजिटल विज्ञापन और अनिवासी कंपनियों की ई-कॉमर्स सेवाएं हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) सभी आयात इस शुल्क का आधार नहीं थे, क्योंकि PIB इसे खास डिजिटल सेवाओं और अनिवासी डिजिटल कारोबार से जोड़ता है।
  • (B) सोशल मीडिया मंच कहना दायरा बहुत संकरा कर देता है, क्योंकि शुल्क निर्दिष्ट ऑनलाइन विज्ञापन और अनिवासी ई-कॉमर्स आपूर्ति या सेवाओं पर केंद्रित था।
  • (C) घरेलू ई-कॉमर्स सही नहीं है, क्योंकि PIB बताता है कि भारत-स्थित ई-कॉमर्स संचालक पहले से भारत में कराधान के दायरे में थे और शुल्क अनिवासी संचालकों पर था।

अवधारणा

यह प्रश्न डिजिटल अर्थव्यवस्था के कराधान और अनिवासी कंपनियों की कर-देयता की अवधारणा जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि ई-कॉमर्स, डिजिटल विज्ञापन और कर-आधार से जुड़े बदलाव अर्थव्यवस्था के समसामयिक हिस्से हैं।

स्रोत

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