RAS प्रश्न
बाह्य उधारी के संदर्भ में ECB का पूर्ण रूप है:
सही उत्तर: (C) बाह्य वाणिज्यिक उधारी।
बाह्य उधारी के संदर्भ में ECB का पूर्ण रूप बाह्य वाणिज्यिक उधारी है।
व्याख्या
बाह्य वाणिज्यिक उधारी, यानी ECB, भारत में पात्र संस्थाओं द्वारा विदेश से जुटाए गए वाणिज्यिक ऋणों को कहा जाता है। RBI के मास्टर सर्कुलर में ECB को गैर-निवासी ऋणदाताओं से लिए गए वाणिज्यिक ऋणों के रूप में रखा गया है, जिनमें बैंक ऋण, क्रेता ऋण, आपूर्तिकर्ता ऋण और बॉन्ड जैसे प्रतिभूतिकृत साधन शामिल हो सकते हैं। ये ऋण विदेशी मुद्रा या भारतीय रुपये में हो सकते हैं और FEMA ढांचे के तहत RBI द्वारा विनियमित होते हैं। बाह्य उधारी का संदर्भ यहां निर्णायक है: ECB किसी केंद्रीय बैंक, निर्यात संस्था या पूंजी बफर का नाम नहीं, बल्कि विदेशी ऋणदाताओं से जुटाई जाने वाली बाह्य वाणिज्यिक उधारी है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) आर्थिक पूंजी बफर RBI की पूंजी व्यवस्था से जुड़ा शब्द हो सकता है, लेकिन बाह्य उधारी के संदर्भ में ECB का अर्थ वाणिज्यिक ऋणों से है, पूंजी बफर से नहीं।
- (B) निर्यात ऋण ब्यूरो में ऋण और निर्यात का संकेत है, पर RBI का मास्टर सर्कुलर ECB को गैर-निवासी ऋणदाताओं से लिए गए बाह्य वाणिज्यिक ऋण के रूप में परिभाषित करता है।
- (D) यूरोपीय केंद्रीय बैंक ECB का अलग संदर्भ हो सकता है, लेकिन भारतीय बाह्य उधारी और RBI-FEMA ढांचे में ECB बाह्य वाणिज्यिक उधारी है।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में बाह्य क्षेत्र और विदेशी उधारी के नियमन के लिए यह बुनियादी शब्दावली जरूरी है। RAS में ऐसे संक्षेप बार-बार आते हैं क्योंकि नीति, भुगतान संतुलन और RBI विनियमन समझने के लिए सही संदर्भ पहचानना जरूरी है।
