RAS प्रश्न
दुर्गादास राठौड़ ने औरंगजेब से मारवाड़ के किस शिशु राजकुमार की रक्षा की और बाद में उसे गद्दी पर बैठाया?
सही उत्तर: (C) महाराजा अजित सिंह।
दुर्गादास राठौड़ ने औरंगजेब से मारवाड़ के शिशु राजकुमार महाराजा अजित सिंह की रक्षा की और 1707 में उन्हें मारवाड़ की गद्दी पर बैठाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
व्याख्या
महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार का संकट बना, क्योंकि उनके शिशु पुत्र अजित सिंह ही मारवाड़ के वैध उत्तराधिकारी बचे। औरंगजेब ने मारवाड़ पर सीधे नियंत्रण की कोशिश की और शिशु अजित सिंह को दिल्ली के नूरगढ़ में निगरानी में रखवाया। इसी समय दुर्गादास राठौड़ और जोधपुर के अन्य सरदारों ने अजित सिंह तथा जसवंत सिंह की रानियों को मुगलों के हाथ से निकालकर सुरक्षित किया। आगे अजित सिंह को सुरक्षित ठिकानों पर रखा गया, जबकि दुर्गादास ने मारवाड़ के राजपूतों के साथ लंबे संघर्ष और छापामार युद्ध से मुगल दबाव का सामना किया। औरंगजेब की मृत्यु के बाद 1707 में अजित सिंह को मारवाड़ की गद्दी मिली।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) महाराजा मान सिंह इस प्रसंग के शिशु उत्तराधिकारी नहीं थे; दुर्गादास की रक्षा का केंद्र अजित सिंह थे।
- (B) महाराजा जसवंत सिंह अजित सिंह के पिता थे, जिनकी मृत्यु के बाद उत्तराधिकार संकट बना; दुर्गादास ने शिशु पुत्र अजित सिंह को बचाया, जसवंत सिंह को नहीं।
- (D) महाराजा अभय सिंह का नाम इस घटना में उत्तराधिकारी के रूप में नहीं आता; अजित सिंह ही जसवंत सिंह के बाद बचे उत्तराधिकारी और बाद में गद्दी पर बैठने वाले बताए जाते हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न RAS के राजस्थान इतिहास में मारवाड़-मुगल संबंध, उत्तराधिकार संकट और राजपूत प्रतिरोध को जोड़कर पूछता है। दुर्गादास राठौड़, जसवंत सिंह, अजित सिंह और 1707 में गद्दी पर वापसी साथ-साथ याद रखने वाले तथ्य हैं, इसलिए यह विषय बार-बार काम आता है।
