RAS प्रश्न
डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने CAG को क्या कहा था?
सही उत्तर: (B) संविधान के अधीन सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने CAG को भारत के संविधान के अधीन संभवतः सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी बताया था।
व्याख्या
डॉ. बी.आर. अंबेडकर का विशिष्ट कथन CAG की सामान्य भूमिका से आगे जाकर इस पद की संवैधानिक अहमियत बताता है। CAG वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 में संविधान सभा के उनके भाषण का संदर्भ है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह पद भारत के संविधान में संभवतः सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी का है। इसका कारण यह है कि CAG यह देखता है कि संसद द्वारा स्वीकृत खर्च न तो सीमा से बाहर जाए और न ही विनियोग अधिनियम में तय बातों से बदले। CAG संसद के प्रति सरकार की वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करता है, इसलिए अंबेडकर ने इसे न्यायपालिका से भी अधिक महत्वपूर्ण माना।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) “संविधान का हृदय और आत्मा” CAG के लिए दिया गया अंबेडकर का कथन नहीं है; अंबेडकर ने CAG को भारत के संविधान के अधीन संभवतः सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी कहा था।
- (C) “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ” अंबेडकर का वह विशिष्ट वाक्य नहीं है; CAG की भूमिका संसद द्वारा स्वीकृत खर्च की निगरानी से जुड़ी है।
- (D) “सार्वजनिक कोष का संरक्षक” CAG की भूमिका जैसा वर्णन लग सकता है, लेकिन अंबेडकर के शब्दों में CAG “सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी” है।
अवधारणा
संविधान में CAG की स्थिति वित्तीय जवाबदेही की अवधारणा से सीधे जुड़ी है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि सरकार के खर्च पर संसद के प्रति जवाबदेही भारतीय शासन-व्यवस्था का मूल विषय है।
