RAS प्रश्न
डिंगल किसकी साहित्यिक बोली है:
सही उत्तर: (B) मारवाड़ी (पश्चिमी राजस्थानी)।
डिंगल पश्चिमी राजस्थानी, यानी मारवाड़ी, का साहित्यिक रूप है।
व्याख्या
डिंगल को मारवाड़ी की साहित्यिक और काव्य भाषा मानना ही इस प्रश्न का आधार है। स्रोत-लेख में फोग पर लिखी समकालीन राजस्थानी कविता को समझाते हुए साफ कहा गया है कि उसकी भाषा मारवाड़ी का वही साहित्यिक रूप है जिसे डिंगल कहा जाता है। इसी से विकल्प B सही बैठता है, क्योंकि प्रश्न केवल बोली का नाम नहीं, साहित्यिक रूप की पहचान पूछ रहा है। डिंगल पश्चिमी राजस्थानी, यानी मारवाड़ी, की काव्य भाषा रही और चारण कवियों ने उसका उपयोग किया। इसके उलट पिंगल को पूर्वी राजस्थानी की साहित्यिक भाषा बताया जाता है, इसलिए डिंगल को मेवाड़ी, हाड़ौती या ढूंढाड़ी से जोड़ना सही नहीं है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मेवाड़ी इसलिए गलत है, क्योंकि स्रोत और स्पष्टीकरण दोनों डिंगल को मारवाड़ी, यानी पश्चिमी राजस्थानी, का साहित्यिक रूप बताते हैं, मेवाड़ी का नहीं।
- (C) हाड़ौती इसलिए नहीं हो सकती, क्योंकि प्रश्न में पूछी गई साहित्यिक बोली डिंगल है और उसके आधार में संबंध मारवाड़ी से जोड़ा गया है।
- (D) ढूंढाड़ी गलत है, क्योंकि डिंगल की पहचान मारवाड़ी की साहित्यिक-काव्य परंपरा से दी गई है, ढूंढाड़ी से नहीं।
अवधारणा
यह राजस्थान इतिहास, कला और संस्कृति में राजस्थानी बोलियों और साहित्यिक परंपरा की पहचान का प्रश्न है। डिंगल-पिंगल और मारवाड़ी जैसे संबंध RAS में इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे भाषा, क्षेत्र और साहित्यिक परंपरा को एक साथ परखते हैं।
