RAS प्रश्न
धोलावीरा सिंधु घाटी स्थलों में अद्वितीय है क्योंकि यहाँ था/थी:
सही उत्तर: (D) तीन भागों में विभाजन: गढ़ी, मध्य नगर और निचला नगर।
धोलावीरा की खास पहचान उसके तीन भागों वाले नगर-विन्यास से है: गढ़ी, मध्य नगर और निचला नगर।
व्याख्या
धोलावीरा का सही उत्तर तीन भागों वाला नगर-विन्यास है। अधिकांश हड़प्पा स्थलों में सामान्यतः दो भागों की योजना मिलती है: गढ़ी और निचला नगर; इसके मुकाबले धोलावीरा में गढ़ी, मध्य नगर और निचला नगर अलग-अलग समझे जाते हैं। Current Science में भी यही बात पुष्ट होती है कि धोलावीरा का स्थापत्य ढांचा गढ़ी, जिसमें किला और बाहरी घेरा शामिल हैं, मध्य नगर और निचले नगर से बना था और ये बड़े रक्षात्मक घेरे के भीतर थे। इसी कारण इसकी योजना केवल किलेबंदी नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित बहु-खंडीय शहरी रचना के रूप में याद रखनी चाहिए। बड़े जलाशय इसकी एक और महत्त्वपूर्ण विशेषता थे, पर प्रश्न की अद्वितीयता नगर-विभाजन पर है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अश्वमेध अनुष्ठानों का विकल्प गलत है, क्योंकि धोलावीरा की विशेषता नगर-विन्यास और किलेबंदी में है, किसी अश्वमेध साक्ष्य में नहीं।
- (B) बिना विभाजन के एक ही किलेबंद क्षेत्र कहना उलटा है, क्योंकि धोलावीरा में गढ़ी, मध्य नगर और निचले नगर के अलग-अलग भाग बताए जाते हैं।
- (C) विशाल गोदीबाड़ा इस प्रश्न का उत्तर नहीं है; धोलावीरा के संदर्भ में बड़े जलाशयों और जल-संग्रह का उल्लेख मिलता है, समुद्री व्यापार की गोदी का नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारतीय इतिहास में हड़प्पा नगर-योजना और अलग-अलग स्थलों की विशिष्टताओं को जांचता है। RAS में यह हिस्सा बार-बार आता है, क्योंकि छोटे स्थापत्य अंतर से ही स्थल की सही पहचान तय होती है।
