RAS प्रश्न
मांग-जनित मुद्रास्फीति किसके कारण होती है:
सही उत्तर: (A) कुल आपूर्ति से अधिक कुल मांग।
मांग-जनित मुद्रास्फीति तब होती है जब कुल मांग कुल आपूर्ति से अधिक हो जाती है और इसी दबाव से कीमतें ऊपर खिंचती हैं।
व्याख्या
मांग-जनित मुद्रास्फीति का मूल कारण मांग की तरफ से आने वाला दबाव है। जब अर्थव्यवस्था में कुल मांग, उपलब्ध कुल आपूर्ति या पूर्ण-रोजगार स्तर के उत्पादन से ऊपर चली जाती है, तो वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च करने की इच्छा उत्पादन क्षमता से अधिक हो जाती है। CBSE स्रोत इसी स्थिति को अतिरिक्त मांग कहता है और बताता है कि इससे मुद्रास्फीतिक अंतर बनता है, जो कीमतों में वृद्धि यानी मांग-जनित मुद्रास्फीति पैदा करता है। इसलिए विकल्प A सही है: यहां कीमतें इसलिए नहीं बढ़ रहीं कि लागत बढ़ी है, बल्कि इसलिए बढ़ रही हैं कि उपलब्ध वस्तुओं के मुकाबले खरीदने की मांग अधिक है। सरकारी खर्च, कर कटौती, मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि या उपभोक्ता विश्वास बढ़ना ऐसी कुल मांग को बढ़ा सकते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) उत्पादन लागत में वृद्धि कीमतों को लागत की तरफ से धकेलती है, इसलिए यह लागत-जनित मुद्रास्फीति का कारण है, मांग-जनित मुद्रास्फीति का नहीं।
- (C) उत्पादन में कमी आपूर्ति-पक्ष की समस्या बनाती है; मांग-जनित मुद्रास्फीति में मुख्य बात कुल मांग का कुल आपूर्ति से अधिक होना है।
- (D) सरकारी मूल्य नियंत्रण सामान्यतः कीमतों को दबाने या सीमित करने की नीति होती है, इसलिए इसे मांग के दबाव से कीमतें ऊपर खिंचने का कारण नहीं माना जाता।
अवधारणा
यह प्रश्न समष्टि अर्थशास्त्र में कुल मांग, कुल आपूर्ति और मुद्रास्फीति के संबंध की जांच करता है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है क्योंकि राजकोषीय नीति, मौद्रिक नीति और महंगाई के कारण इसी आधार पर समझे जाते हैं।
