RAS प्रश्न
अर्थशास्त्र में क्राउडिंग आउट प्रभाव का तात्पर्य है:
सही उत्तर: (C) सरकारी उधारी ब्याज दरें बढ़ाकर निजी क्षेत्र के निवेश को कम करती है।
अर्थशास्त्र में क्राउडिंग आउट प्रभाव का अर्थ है कि सरकारी उधारी या घाटे से जुड़े सरकारी व्यय के कारण ब्याज दरें बढ़ती हैं और निजी क्षेत्र का निवेश घटता है।
व्याख्या
क्राउडिंग आउट तब होता है जब सरकार बढ़े हुए खर्च को पूरा करने के लिए उधारी बढ़ाती है या घाटे के रास्ते खर्च करती है। इससे समग्र मांग बढ़ती है और ब्याज दरों पर ऊपर की ओर दबाव आता है। ब्याज दरें बढ़ने पर निजी क्षेत्र के लिए धन जुटाना महंगा हो जाता है, इसलिए वह कुछ निवेश योजनाओं को टालता या घटाता है। इसी कारण सरकारी व्यय का विस्तार निजी खपत और निवेश के हिस्से को कम कर सकता है। उच्च सरकारी उधारी निजी क्षेत्र के उधार और निवेश को महंगा बनाती है; इसलिए विकल्प C ही क्राउडिंग आउट प्रभाव को सही ढंग से बताता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) निर्यात से घरेलू आपूर्ति घटने की बात वस्तुओं की उपलब्धता से जुड़ी है, जबकि क्राउडिंग आउट का मूल तंत्र सरकारी उधारी, ब्याज दर और निजी निवेश में कमी है।
- (B) बड़ी फर्मों द्वारा छोटी फर्मों को हटाना बाजार में एकाधिकार या प्रभुत्व की स्थिति बताता है, सरकारी उधारी से निजी निवेश के महंगा होकर घटने को नहीं।
- (D) विदेशी कंपनियों द्वारा घरेलू फर्मों का स्थान लेना बाजार प्रतिस्पर्धा से जुड़ा विचार है, जबकि सरकारी उधारी और ब्याज दरों के असर से निजी निवेश घटता है।
अवधारणा
लोक ऋण, राजकोषीय घाटे और मौद्रिक प्रभावों का संबंध क्राउडिंग आउट को समझने के लिए जरूरी है। RAS में यह अवधारणा इसलिए बार-बार आती है क्योंकि सरकारी उधारी और निजी निवेश का संबंध राजकोषीय नीति की प्रभावशीलता समझने के लिए केंद्रीय है।
