RAS प्रश्न
भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां किसके द्वारा विनियमित हैं:
सही उत्तर: (B) SEBI।
भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां SEBI के 1999 के क्रेडिट रेटिंग एजेंसी विनियमों के तहत विनियमित होती हैं।
व्याख्या
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का नियामक SEBI है। भारत में इन एजेंसियों का नियमन SEBI के क्रेडिट रेटिंग एजेंसी विनियम, 1999 के तहत होता है। SEBI के आधिकारिक पेज पर इसी विनियम का शीर्षक 7 जुलाई 1999 की प्रविष्टि के साथ मौजूद है और बाद के संशोधन भी सूचीबद्ध हैं। इसलिए सही उत्तर SEBI है, क्योंकि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए सामान्य वित्तीय नीति-निर्माण संस्था नहीं, बल्कि विशिष्ट नियामक ढांचा लागू होता है। इसी दायरे में क्रिसिल, इक्रा, केयर, इंडिया रेटिंग्स, एक्यूट, ब्रिकवर्क और इन्फोमेरिक्स जैसी प्रमुख एजेंसियां आती हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) IRDAI बीमा क्षेत्र का नियामक है, जबकि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का नियमन SEBI के 1999 के विनियमों के तहत होता है।
- (C) RBI सही विकल्प नहीं है, क्योंकि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां SEBI के विनियमों के तहत आती हैं।
- (D) वित्त मंत्रालय सीधे नियामक विकल्प नहीं है; क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए विशिष्ट नियामक SEBI है।
अवधारणा
भारतीय वित्तीय बाजारों में नियामक संस्थाओं की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है, क्योंकि अर्थव्यवस्था खंड में संस्था और उसके अधिकार-क्षेत्र को अलग-अलग समझना जरूरी है।
