RAS प्रश्न
15 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्नाटक यात्रा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनके द्वारा उद्घाटित श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर, श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामी जी को समर्पित है। 2. इस यात्रा में प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के साथ "सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम्" पुस्तक का संयुक्त विमोचन किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: (D) 1 और 2 दोनों।
15 अप्रैल 2026 की कर्नाटक यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया, जो श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामी जी को समर्पित स्मारक है, और उन्होंने एच. डी. देवेगौड़ा के साथ सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम् पुस्तक का संयुक्त विमोचन भी किया।
व्याख्या
PIB की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल 2026 को कर्नाटक गए और मंड्या जिले के श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरी में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन करने वाले थे। यही मंदिर पूज्य श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामी जी को समर्पित स्मारक बताया गया है, जो श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे। उसी विज्ञप्ति में यह भी लिखा है कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा जी के साथ सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम् पुस्तक का संयुक्त विमोचन करना था। इसलिए कथन 1 मंदिर के समर्पण पर और कथन 2 पुस्तक-विमोचन पर, दोनों आधिकारिक स्रोत से मेल खाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A केवल कथन 1 को मानता है, जबकि स्रोत में पुस्तक सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम् के संयुक्त विमोचन की बात भी दी गई है।
- (B) B केवल कथन 2 को मानता है, जबकि स्रोत मंदिर को श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामी जी को समर्पित स्मारक बताता है।
- (C) C दोनों कथनों को नकारता है, जबकि PIB विज्ञप्ति मंदिर के समर्पण और पुस्तक के संयुक्त विमोचन, दोनों तथ्यों की पुष्टि करती है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय संविधान एवं शासन के समसामयिक भाग में आधिकारिक सरकारी सूचना पढ़कर कथन-विश्लेषण करने की क्षमता जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि एक ही प्रेस विज्ञप्ति से संस्था, व्यक्ति और कार्यक्रम से जुड़े छोटे तथ्य पूछे जा सकते हैं।
