RAS प्रश्न
MoSPI द्वारा 2026 में लागू GDP के नए आधार वर्ष वाली श्रृंखला के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय खातों की नई श्रृंखला पहले के 2011-12 आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में उपयोग करती है। 2. नए आधार वर्ष के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4 प्रतिशत अनुमानित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: (C) केवल 1।
MoSPI की नई राष्ट्रीय खाता श्रृंखला 2022-23 को आधार वर्ष मानती है और पुराने 2011-12 आधार वर्ष की जगह लेती है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 7.6 प्रतिशत अनुमानित है।
व्याख्या
कथन 1 सही है क्योंकि MoSPI ने वार्षिक और तिमाही राष्ट्रीय खातों के अनुमानों की नई श्रृंखला 2022-23 आधार वर्ष के साथ जारी की, जिसने 2011-12 आधार वर्ष वाली पिछली श्रृंखला को बदला। PIB नोट के अनुसार आधार वर्ष संशोधन नियमित वार्षिक संशोधन जैसा नहीं होता; इसमें अर्थव्यवस्था के ढांचागत बदलावों को पकड़ना, नए आंकड़ा-स्रोत जोड़ना, अनुमान पद्धति सुधारना तथा दायरा और शुद्धता बढ़ाना शामिल है। इसलिए 2022-23 को नए आधार वर्ष के रूप में लेना मुख्य तथ्य है। कथन 2 गलत है, क्योंकि इसी नई श्रृंखला में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 7.6 प्रतिशत अनुमानित है। 7.4 प्रतिशत वाला आंकड़ा पुराने 2011-12 आधार वर्ष वाली श्रृंखला से जुड़ा था, नई श्रृंखला से नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है क्योंकि यह केवल कथन 2 को सही मानता है, जबकि नई 2022-23 आधार वर्ष श्रृंखला में वित्त वर्ष 2025-26 की वास्तविक GDP वृद्धि 7.6 प्रतिशत है, 7.4 प्रतिशत नहीं।
- (B) B गलत है क्योंकि कथन 1 सही होने के बावजूद कथन 2 नई श्रृंखला के वृद्धि अनुमान को 7.4 प्रतिशत बताकर गलत करता है।
- (D) D गलत है क्योंकि कथन 1 स्पष्ट रूप से सही है: नई राष्ट्रीय खाता श्रृंखला 2022-23 आधार वर्ष पर है और 2011-12 आधार वर्ष को बदलती है।
अवधारणा
यह प्रश्न राष्ट्रीय आय लेखांकन में आधार वर्ष संशोधन और स्थिर कीमतों पर GDP वृद्धि की समझ जांचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि आर्थिक सर्वेक्षण, बजट और समसामयिक अर्थव्यवस्था के आंकड़ों को पढ़ने के लिए आधार वर्ष का फर्क जरूरी है।
