RAS प्रश्न
वेदों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करो: I. ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है और मुख्यतः देवताओं को समर्पित ऋचाएं इसमें हैं। II. अथर्ववेद मुख्यतः अनुष्ठानों में प्रयुक्त धुनों और जाप से संबंधित है। ऊपर के कौन से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (A) केवल I।
केवल कथन I सही है—ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है और उसमें मुख्य रूप से देवताओं को समर्पित ऋचाएँ हैं, जबकि धुनों और अनुष्ठानों में गाए जाने वाले मंत्रों का संबंध सामवेद से है, अथर्ववेद से नहीं।
व्याख्या
इस प्रश्न में हर वेद की मुख्य विशेषता पहचाननी है। कथन I सही है, क्योंकि ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन है और उसमें इंद्र, अग्नि और वरुण जैसे देवताओं को समर्पित 1028 सूक्त, यानी ऋचाएँ, हैं। कथन II गलत है, क्योंकि उसमें सामवेद की विशेषता अथर्ववेद से जोड़ दी गई है। सामवेद धुनों का वेद है और उसमें सोम यज्ञों में गाए जाने वाले संगीतबद्ध मंत्र हैं। इसके विपरीत, अथर्ववेद में जादुई मंत्र, टोने-टोटके और कुछ दार्शनिक ऋचाएँ मिलती हैं। इसलिए केवल कथन I सही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) विकल्प B केवल कथन II को सही मानता है, लेकिन धुनें और अनुष्ठानों में गाए जाने वाले मंत्र सामवेद की विशेषताएँ हैं। अथर्ववेद का संबंध जादुई मंत्रों, टोने-टोटकों और कुछ दार्शनिक ऋचाओं से है।
- (C) विकल्प C दोनों कथनों को सही मानता है, जबकि कथन II सामवेद की संगीत और अनुष्ठानिक गायन से जुड़ी भूमिका को गलत तरीके से अथर्ववेद से जोड़ता है।
- (D) विकल्प D दोनों कथनों को गलत मानता है, लेकिन कथन I सही है, क्योंकि ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है और मुख्य रूप से देवताओं को समर्पित ऋचाओं का संग्रह है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारत के पाठ्यक्रम में वैदिक साहित्य, खासकर चारों वेदों की अलग-अलग भूमिकाओं की समझ परखता है। RAS में यह विषय बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि दो कथनों वाले प्रश्नों में वैदिक संस्कृति की सामान्य जानकारी के बजाय वेदों की सटीक पहचान ज़रूरी होती है।
