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RAS प्रश्न

भारतीय दर्शन के षड्दर्शनों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गौतम द्वारा प्रतिपादित न्याय दर्शन अनुमान के सिद्धांत के लिए जाना जाता है। 2. वैशेषिक दर्शन पदार्थ के परमाणु सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध है। 3. सांख्य दर्शन द्वैतवादी है और पुरुष (चेतना) तथा प्रकृति (पदार्थ) को दो शाश्वत तत्त्व मानता है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

सही उत्तर: (C) तीनों।

न्याय अनुमान और तर्क से, वैशेषिक परमाणु सिद्धांत से और सांख्य पुरुष-प्रकृति द्वैत से जुड़ा है; इसलिए सही संख्या 3 है।

  1. (A)

    केवल एक

  2. (B)

    केवल दो

  3. (C)

    तीनों

  4. (D)

    कोई भी कथन सही नहीं है

व्याख्या

तीनों दार्शनिक संबंध सही हैं। न्याय दर्शन गौतम से संबद्ध है। ईज्ञानकोश की न्याय-वैशेषिक इकाई में न्याय मुख्यतः तार्किक आधार वाला दर्शन है, जिसमें प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान और शब्द को ज्ञान के प्रमाण माना गया है; इसलिए न्याय का अनुमान से संबंध सही है। वैशेषिक कणाद से संबद्ध है और उसकी परमाणु-मीमांसा में परमाणु पदार्थ का अविभाज्य, शाश्वत कण है; इसलिए वैशेषिक का परमाणु सिद्धांत से संबंध भी सही है। कपिल से संबद्ध सांख्य द्वैतवादी है, क्योंकि वह पुरुष और प्रकृति को दो अंतिम तत्त्व मानता है। अतः सही संख्या 3 है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A गलत है, क्योंकि केवल एक नहीं, न्याय के अनुमान, वैशेषिक के परमाणु और सांख्य के पुरुष-प्रकृति द्वैत से जुड़े तीनों दार्शनिक संबंध सही हैं।
  • (B) B गलत है, क्योंकि पहले दो संबंधों के साथ तीसरा संबंध भी सही है: सांख्य पुरुष और प्रकृति को अलग अंतिम तत्त्व मानने वाला द्वैतवादी दर्शन है।
  • (D) D गलत है, क्योंकि न्याय, वैशेषिक और सांख्य से जुड़े तीनों दार्शनिक संबंध सही हैं।

अवधारणा

प्राचीन भारतीय दर्शन में षड्दर्शन की मूल पहचान और उनके प्रमुख सिद्धांत RAS के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। RAS में संस्थापक, प्रमाण, तत्त्व और दर्शन-विशेष की पहचान साथ-साथ पूछी जाती है।

स्रोत

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