Aspirant Academy

RAS प्रश्न

निंदा प्रस्ताव अविश्वास प्रस्ताव से इस प्रकार भिन्न है कि:

सही उत्तर: (A) निंदा प्रस्ताव में आरोप निर्दिष्ट होने चाहिए और पारित होने पर सरकार को इस्तीफा देना आवश्यक नहीं।

निंदा प्रस्ताव में विशिष्ट नीतियों या कार्यों के विरुद्ध आरोप स्पष्ट करने होते हैं, और उसके पारित होने मात्र से सरकार को इस्तीफा देना आवश्यक नहीं होता।

  1. (A)

    निंदा प्रस्ताव में आरोप निर्दिष्ट होने चाहिए और पारित होने पर सरकार को इस्तीफा देना आवश्यक नहीं

  2. (B)

    अविश्वास प्रस्ताव में विशिष्ट आरोप आवश्यक

  3. (C)

    निंदा प्रस्ताव केवल RS में प्रस्तुत किया जा सकता है

  4. (D)

    वे समान हैं

व्याख्या

निंदा प्रस्ताव सरकार की किसी खास नीति, कार्य या चूक पर असहमति जताने के लिए लाया जाता है, इसलिए उसमें आरोप और कारण साफ-साफ बताए जाने चाहिए। यही इसे अविश्वास प्रस्ताव से अलग करता है। अविश्वास प्रस्ताव का उद्देश्य लोकसभा में मंत्रिपरिषद के प्रति विश्वास की जांच करना है; इसके लिए कारण बताना आवश्यक नहीं होता। यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाए, तो मंत्रिपरिषद को पद छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत, निंदा प्रस्ताव पारित होने पर सरकार को अपने-आप इस्तीफा नहीं देना पड़ता; उसे सदन का विश्वास प्राप्त करना पड़ सकता है। आरोपों की अनिवार्यता और इस्तीफे की अनिवार्यता का अभाव, निंदा प्रस्ताव के दो मुख्य अंतर हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) अविश्वास प्रस्ताव में विशिष्ट आरोप या कारण बताना आवश्यक नहीं होता; वह मंत्रिपरिषद पर सदन के विश्वास की जांच के लिए लाया जाता है।
  • (C) निंदा प्रस्ताव राज्यसभा तक सीमित नहीं है; यह लोकसभा में लाया जाने वाला प्रस्ताव है, राज्यसभा में नहीं।
  • (D) दोनों प्रस्ताव समान नहीं हैं, क्योंकि निंदा प्रस्ताव में कारण बताने पड़ते हैं और उसके पारित होने पर इस्तीफा अनिवार्य नहीं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव में कारण जरूरी नहीं और पारित होने पर सरकार को जाना पड़ता है।

अवधारणा

संसदीय उत्तरदायित्व और लोकसभा में सरकार पर नियंत्रण के साधनों में निंदा प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव का अंतर महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे अंतर बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि छोटे प्रक्रियात्मक भेद से ही सही विकल्प तय होता है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न