RAS प्रश्न
पूंजी खाता परिवर्तनीयता का अर्थ है:
सही उत्तर: (C) पूंजी खाता लेनदेन के लिए घरेलू मुद्रा का मुक्त रूपांतरण।
पूंजी खाता परिवर्तनीयता का अर्थ पूंजी खाते के लेनदेन के लिए घरेलू मुद्रा को विदेशी मुद्रा में और विदेशी मुद्रा को घरेलू मुद्रा में बदलने की स्वतंत्रता है।
व्याख्या
भारतीय रिजर्व बैंक बुलेटिन के अनुसार भुगतान संतुलन के लेनदेन मुख्य रूप से चालू खाते और पूंजी खाते में बांटे जाते हैं। चालू खाता वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात-आयात, कारक आय और एकतरफा अंतरण से जुड़ा होता है, जबकि पूंजी खाता किसी देश की विदेशी परिसंपत्तियों और देनदारियों में शुद्ध बदलाव दर्ज करता है। इसलिए पूंजी खाता परिवर्तनीयता का अर्थ केवल व्यापार भुगतान के लिए रुपये को बदलना नहीं है; इसका अर्थ पूंजी खाते के लेनदेन के लिए घरेलू मुद्रा को विदेशी मुद्रा में और विदेशी मुद्रा को घरेलू मुद्रा में बदलने की स्वतंत्रता है। यही बात निवेश, विदेश में उधार और ऋण जैसे पूंजीगत लेनदेन के रूप में समझी जाती है। भारत में चालू खाते पर पूर्ण परिवर्तनीयता है, पर पूंजी खाते पर यह आंशिक है; तारापोर समिति ने पूर्ण पूंजी खाता परिवर्तनीयता की सिफारिश की थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) निश्चित विनिमय दर विनिमय दर की व्यवस्था बताती है, जबकि पूंजी खाता परिवर्तनीयता पूंजी खाते के लेनदेन के लिए मुद्रा बदलने की स्वतंत्रता से संबंधित है।
- (B) केवल व्यापार लेनदेन के लिए मुक्त रूपांतरण चालू खाते की परिवर्तनीयता से जुड़ता है, क्योंकि चालू खाता वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात-आयात जैसे लेनदेन को कवर करता है।
- (D) मुद्रा अवमूल्यन मुद्रा के मूल्य में कमी का मामला है; यह पूंजी खाते के लेनदेन के लिए रुपये के मुक्त रूपांतरण की परिभाषा नहीं देता।
अवधारणा
यह प्रश्न भुगतान संतुलन में चालू खाते और पूंजी खाते के अंतर तथा रुपये की परिवर्तनीयता की अवधारणा जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि निवेश, उधार और विदेश में ऋण जैसे पूंजीगत लेनदेन भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थायी परीक्षा-बिंदु हैं।
