RAS प्रश्न
ब्रह्मगुप्त, जिन्होंने शून्य के नियमों को व्यवस्थित किया, कहाँ कार्य करते थे?
सही उत्तर: (C) उज्जैन (भीनमाल)।
ब्रह्मगुप्त, जिन्होंने शून्य और ऋणात्मक संख्याओं से जुड़े अंकगणितीय नियम व्यवस्थित किए, उज्जैन (भीनमाल) में कार्य करते थे।
व्याख्या
ब्रह्मगुप्त के गणितीय कार्य से उनकी पहचान उज्जैन (भीनमाल) से जुड़ती है। ब्रह्मगुप्त (598-668 ई.) ने उज्जैन में कार्य किया और 628 ई. में ब्रह्मस्फुटसिद्धांत लिखा। Britannica के अनुसार ब्रह्मस्फुटसिद्धांत 628 ई. का ग्रंथ है और ब्रह्मगुप्त ने इसे भीनमाल में रहते हुए लिखा। इसी ग्रंथ के गणितीय अध्यायों में उन्होंने शून्य को किसी संख्या में से उसी संख्या को घटाने का परिणाम माना और ऋणात्मक तथा धनात्मक संख्याओं पर अंकगणितीय नियम दिए। चक्रीय चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र भी इसी योगदान-परंपरा से जुड़ा है। इसलिए विकल्प C, उज्जैन (भीनमाल), सही बैठता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पाटलिपुत्र इसलिए सही नहीं है, क्योंकि ब्रह्मगुप्त का कार्य-स्थल उज्जैन माना जाता है और Britannica के अनुसार ब्रह्मस्फुटसिद्धांत भीनमाल में रहते हुए लिखा गया था।
- (B) तक्षशिला ब्रह्मस्फुटसिद्धांत, शून्य के नियमों या ब्रह्मगुप्त के कार्य-स्थल से संबंधित नहीं है।
- (D) नालंदा सही विकल्प नहीं है, क्योंकि ब्रह्मगुप्त और उनका 628 ई. का ब्रह्मस्फुटसिद्धांत उज्जैन (भीनमाल) से जुड़े हैं।
अवधारणा
प्राचीन भारत के विज्ञान और गणित, खासकर खगोल-गणित परंपरा में प्रमुख विद्वानों के स्थान और ग्रंथों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि व्यक्ति, ग्रंथ, स्थान और योगदान को मिलाकर पूछा जाता है।
