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RAS प्रश्न

ब्रह्मगुप्त (598-668 ई.) एक गणितज्ञ थे जिन्होंने:

सही उत्तर: (B) शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के साथ अंकगणितीय संक्रियाओं के नियम दिए।

ब्रह्मगुप्त ने शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के साथ अंकगणितीय संक्रियाओं के नियम दिए।

  1. (A)

    कंप्यूटर का आविष्कार किया

  2. (B)

    शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के साथ अंकगणितीय संक्रियाओं के नियम दिए

  3. (C)

    डीएनए की खोज की

  4. (D)

    केवल खगोल विज्ञान का अध्ययन किया

व्याख्या

ब्रिटैनिका के अनुसार ब्रह्मगुप्त की प्रमुख उपलब्धियों में शून्य को किसी संख्या में से उसी संख्या को घटाने के परिणाम के रूप में परिभाषित करना और ऋणात्मक संख्याओं तथा धनात्मक संख्याओं के बीच अंकगणितीय संक्रियाओं के नियम देना शामिल है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा भी ब्रह्मगुप्त को ऋणात्मक संख्याओं और उनकी मूल संक्रियाओं के नियमों से जोड़ती है। इसलिए विकल्प B सही है: ब्रह्मगुप्त का गणितीय योगदान शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के साथ गणना के नियमों से जुड़ा है, किसी आधुनिक तकनीकी या जैव-विज्ञान संबंधी खोज से नहीं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) कंप्यूटर का आविष्कार ब्रह्मगुप्त से जुड़ी उपलब्धि नहीं है; उनकी उपलब्धि शून्य और संख्याओं पर अंकगणितीय नियमों से जुड़ी है।
  • (C) डीएनए की खोज गणितीय परंपरा से अलग जैव-विज्ञान का विषय है; ब्रह्मगुप्त शून्य, ऋणात्मक और धनात्मक संख्याओं से जुड़े गणितीय नियमों के लिए जाने जाते हैं।
  • (D) उन्होंने केवल खगोल विज्ञान का अध्ययन नहीं किया; अपनी कृति में गणित के अध्यायों में शून्य और अंकगणितीय संक्रियाओं के नियम भी दिए।

अवधारणा

प्राचीन भारत में गणित के विकास में शून्य और ऋणात्मक संख्याओं की समझ महत्वपूर्ण रही है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे भारतीय विज्ञान-परंपरा और प्रमुख विद्वानों के ठोस योगदान से जुड़े होते हैं।

स्रोत

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