RAS प्रश्न
जयपुर की ब्लू पॉटरी की उत्पत्ति किस सांस्कृतिक परंपरा से हुई, और 20वीं सदी में इसके पुनरुद्धार का श्रेय किसे दिया जाता है?
सही उत्तर: (C) तुर्क-फारसी परंपरा; कृपाल सिंह शेखावत द्वारा पुनरुद्धार।
जयपुर की ब्लू पॉटरी तुर्क-फारसी सांस्कृतिक परंपरा से निकली मानी जाती है और 20वीं सदी में इसके पुनरुद्धार का श्रेय कृपाल सिंह शेखावत को दिया जाता है।
व्याख्या
जयपुर ब्लू पॉटरी की पहचान कला की परंपरा और 20वीं सदी के पुनरुद्धार, दोनों से जुड़ी है। इसकी जड़ तुर्क-फारसी परंपरा में है और यह मुगल कारीगरों के जरिए आई। इसलिए इसे केवल जयपुर की स्थानीय कला समझना अधूरा होगा। 20वीं सदी की शुरुआत में इसका पतन हुआ, लेकिन पद्म श्री कृपाल सिंह शेखावत ने पारंपरिक तरीकों को बनाए रखते हुए डिजाइनों को नया रूप दिया। इसी कारण उन्हें आधुनिक ब्लू पॉटरी का जनक कहा जाता है। Business Standard के अनुसार कृपाल सिंह शेखावत जयपुर ब्लू पॉटरी के पुनरुद्धार से जुड़े कलाकार हैं, इसलिए विकल्प C तुर्क-फारसी परंपरा और कृपाल सिंह शेखावत को सही जोड़ता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A में राम गोपाल विजयवर्गीय को पुनरुद्धार से जोड़ा गया है, जबकि 20वीं सदी के पुनरुद्धार का श्रेय कृपाल सिंह शेखावत को दिया जाता है।
- (B) B में चीनी चीनी-मिट्टी परंपरा और महाराजा सवाई मान सिंह II का युग्म है, जबकि जयपुर ब्लू पॉटरी की जड़ तुर्क-फारसी परंपरा में है और पुनरुद्धार कृपाल सिंह शेखावत से जुड़ा है।
- (D) D में दक्षिण भारतीय मंदिर कला और राजमाता गायत्री देवी का युग्म है, जबकि जयपुर ब्लू पॉटरी मुगल कारीगरों से आई तुर्क-फारसी परंपरा और 20वीं सदी के पुनरुद्धार से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थान की हस्तशिल्प परंपराओं में बाहरी सांस्कृतिक प्रभाव और आधुनिक पुनरुद्धार को साथ समझना जरूरी है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि कला-संस्कृति में वस्तु, क्षेत्र, परंपरा और प्रमुख व्यक्तित्व को साथ याद रखना पड़ता है।
