Aspirant Academy

RAS प्रश्न

मगध की शक्ति के संस्थापक बिम्बिसार किस वंश से थे?

सही उत्तर: (D) हर्यंक।

मगध की शक्ति के संस्थापक माने जाने वाले बिम्बिसार हर्यंक वंश से थे।

  1. (A)

    शिशुनाग

  2. (B)

    मौर्य

  3. (C)

    नंद

  4. (D)

    हर्यंक

व्याख्या

बिम्बिसार को मगध की शक्ति का आधार बनाने वाला शासक इसलिए माना जाता है क्योंकि उन्होंने हर्यंक वंश की स्थापना की और मगध को मजबूत राज्य बनाया। उन्होंने कोसल, वैशाली और मद्र की राजकुमारियों से विवाह कर वैवाहिक गठबंधन बनाए और अंग की विजय से मगध का विस्तार किया। बिहार सरकार के अनुसार हर्यंक वंश की अवधि 544 से 492 ईसा पूर्व तक थी और इस वंश की स्थापना बिम्बिसार ने की। मगध, अंग और वज्जि बिहार के तीन महाजनपदों में थे, इसलिए बिम्बिसार को मगध की आरंभिक शक्ति से जोड़ना सीधे हर्यंक वंश से जुड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) शिशुनाग अलग वंश था; बिहार सरकार के अनुसार शिशुनाग वंश की अवधि 412 ईसा पूर्व से 344 ईसा पूर्व तक थी, इसलिए वह बिम्बिसार का वंश नहीं था।
  • (B) मौर्य वंश बाद का वंश था; इसकी अवधि 321 ईसा पूर्व से 184 ईसा पूर्व थी और इसकी स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी, बिम्बिसार ने नहीं।
  • (C) नंद वंश भी बिम्बिसार से अलग और बाद का वंश था; नंद वंश की अवधि 344 ईसा पूर्व से 321 ईसा पूर्व तक थी और उसका संस्थापक महापद्मनंद था।

अवधारणा

प्राचीन भारत में महाजनपद काल और मगध के राजवंशों का क्रम बिम्बिसार की भूमिका को समझने के लिए जरूरी है। RAS में मगध, बिम्बिसार और राजवंश-क्रम बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि इन्हीं से प्राचीन भारतीय राज्य-निर्माण की बुनियाद समझी जाती है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न